- ऊर्जा निगम के अफसर गांवों में जागरूकता को मुनादी, कैंप लगा रहे
- बिजनौर डिविजन में 28 करोड़ रुपये में से डेढ़ करोड़ रुपये हुए जमा
- 28 करोड़ 41 लाख रुपये का बकाया
-2902 उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन
- 1.50 डेढ़ करोड़ रुपये हुए जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ऊर्जा निगम के अफसर बकाया बिजली बिल वसूली के लिए गांवों की गलियों व शहर के मोहल्लों में जागरूकता मुनादी या धार्मिक स्थलों से एलाउंस और कैंप लगा रहे हैं। परंतु, बिजली बिल के बकायेदार उपभोक्ताओं की नींद नहीं टूट रही है। उपभोक्ताओं की सुस्ती के चलते अभी तक करीब दो हजार 90 किसानों ने डेढ़ करोड़ रुपये ही जमा किए। जबकि विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं पर करीब 28 करोड़ 41 लाख रुपये बकाया चल रहा है।
ऊर्जा निगम के कार्यालयों में बकायेदारों की मोटी फाइल हो रही है। बिजली बिल के बकायेदारों का बोझ कम करने और राजस्व वसूली के लिए अफसर सड़कों पर उतरे हुए हैं। निगम की ओर से सभी श्रेणी के अफसरों का अपना लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के साथ सभी की जवाबदेही भी तय की गई। इसके लिए शासन व ऊर्जा निगम ने बकायेदारों को राहत देने के लिए एक मुश्त समाधान योजना संचालित की है। इस योजना में बकाया के सरचार्ज में छूट दी गई है। उसकी श्रेणीवार सूची जारी की गई।
पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ज्यादा छूट भी उपभोक्ताओं को मिलेगी। विभाग के मंगलवार तक आए आंकड़ों के अनुसार बिजनौर डिविजन प्रथम में एक मुश्त समाधान योजना के तहत 2 दो हजार 90 उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराया और डेढ़ करोड़ रुपये जमा किए। उधर, अधिशासी अभियंता एके पांडेय ने बताया कि बकायेदारों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। गठित टीमें कैंप करके, डोर टू डोर जनसंपर्क करके बकाया जमा करने की अपील कर रहे हैं।
पहले आओ पहले पाओ पाएं ज्यादा छूट
अधिशासी अभियंता द्वितीय किरतपुर आरपी सिंह ने बताया कि बकाया बिलों के भुगतान के लिए शासन की ओर से 31 दिसंबर 23 तक एक मुश्त समाधान योजना शुरू की। इसमें बकायेदार उपभोक्ता पहले आओ पहले पाओ के क्रम में शतप्रतिशत ब्याज माफी का लाभ उठाएं। कहा कि सार्वजनिक अवकाशों निरस्त है प्रतिदिन विद्युत बिल जमा करने का कार्य कर रहे हैं।