बिजनौर पालिका में पिछड़ा वर्ग के लिए आठ वार्ड रहेंगे आरक्षित
बिजनौर। निकाय चुनाव की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। वार्ड के आरक्षण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस बार बिजनौर पालिका में आठ वार्ड पिछड़ा वर्ग और तीन वार्ड एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 11 वार्डों में महिलाओं के लिए आरक्षण रहेगा। वार्ड आरक्षण में चक्रानुक्रम के फार्मूले केे लागू किया गया है जबकि नए वार्ड में आबादी को आधार बनाया है।
बृहस्पतिवार को जिलेभर के सभी निकायों के वार्ड आरक्षण की सूची तैयार करते हुए शासन को लिस्ट प्रेषित कर दी गई। आज यानि शुक्रवार को आरक्षण पर मुहर लग जाएगी। जिले में 12 नगर पालिका और छह नगर पंचायतें हैं। बिजनौर नगर पालिका की बात करें तो सीमा विस्तार के बाद यहां 32 वार्ड हो गए हैं जबकि पहले 25 वार्ड हुआ करते थे।
बिजनौर नगर पालिका मेें तीन वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें एक एससीस महिला के लिए तय किया गया है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग के लिए 8 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। कुल 11 वार्ड सभी वर्गों की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। बाकी सामान्य रहेंगे। उधर, चेयरमैन पद का आरक्षण शासन से तय होना है।
2011 की जनगणना बनी आधार
साल 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण किया गया है। हालांकि इसमें ओबीसी बाहर है। प्छिड़ा वर्ग की जनगणना के लिए शहर में रैपिड सर्वे पिछले दिनों ही कराया गया है। रैपिड सर्वे के आधार पर ही पिछड़ा वर्ग के वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
नए वार्ड में नए सिरे से हुआ आरक्षण
जो नए वार्ड बने हैं, उनमे नए सिरे से आरक्षण तय किया गया है। हालांकि नए वार्ड की अवधारणा से मतलब है कि नए वार्ड में नई आबादी भी पचास प्रतिशत से ज्यादा हो, तभी उसे नया वार्ड माना जाएगा।
परिसीमन ने बढ़ाई उम्मीदवारों की मुश्किल
पालिका में नई आबादी शामिल होने की वजह से पुराने वार्ड की सीमाएं भी बदल गई हैं। सभी वार्ड पहले से ज्यादा बड़े गए हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की मुश्किल बढ़ गई हैं। जो लोग पहले से ही चुनाव की तैयारियों में लगे हुए थे, उन्हें अब ज्यादा मेहनत करनी होगी। मौजूदा सभासद जोकि चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं, उन्हेें भी इस बार मुश्किल रहेगी।
तीन वार्ड अनुसूचित जाति और आठ वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे। कुल वार्डो में 11 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। शासन को आरक्षण की लिस्ट बनाकर भेज दी गई है।
- विकास कुमार, ईओ