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शिक्षा विभाग की मनमानी पर डीएम हुए सख्त

Wed, 18 Jul 2018 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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बिजनौर में जीआईसी में शिक्षकों की काउंसलिंग कराते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में अंतर जनपदीय तबादले पर आए 341 शिक्षकों के स्कूल आवंटन में शिक्षा विभाग की मनमानी पर प्रशासन का चाबुक चल गया। एडीएम की देखरेख में पहले दिन काउंसलिंग में 167 शिक्षकों ने स्कूल लॉक किए। रिक्त पदों की सूची में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूल होने से शिक्षकों के पसीने भी छूटे। बीएसए के मुताबिक काउंसलिंग 19 जुलाई को भी जीआईसी में होगी। अंतर जनपदीय तबादले पर आए शिक्षकों को 25 दिन बीत गए हैं। इन शिक्षकों को स्कूलों में भेजने के लिए पिछले 15 दिन से माथापच्ची चल रही थी। शिक्षा विभाग ने जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, ऐसे करीब 800 स्कूलों की सूची तैयार की थी। स्कूल आवंटन में गड़बड़ी होने का मामला डीएम तक पहुंचा। डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्रा की देखरेख में काउंसलिंग के माध्यम से स्कूल आवंटन करने के निर्देश दिए। एडीएम ने बीएसए से जिले के शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची तैयार कराई। बुधवार को काउंसलिंग के पहले दिन जीआईसी में रिक्त पदों वाले 341 स्कूलों की सूची चस्पा की गई। सूची में अधिकांश स्कूल दूर दराज के होने से शिक्षकों के चेहरों पर परेशानी साफ दिखाई दी। एडीएम एफआर अवधेश मिश्रा, बीएसए महेश चंद्र, बीईओ शिव कुमार, इश्कलाल आदि की देखरेख में एक-एक शिक्षक को बुला कर उनकी पसंद के स्कूलों के सामने हस्ताक्षर करा स्कूल आवंटित किए गए। दिन भर चली इस प्रक्रिया में प्राथमिक विद्यालयों के 122 सहायक अध्यापकों, उच्च प्राथमिक के 37 सहायक अध्यापकों और प्राथमिक विद्यालयों के पांच प्रधानाध्यापकों ने काउंसलिंग के द्वारा स्कूल लॉक किए। बीएसए ने बताया कि बृहस्पतिवार को 174 शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इस मौके पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक अनवार उल हक, बीरेंद्र कुमार, नीरज कुमार, अरविंद सिंह, राकेश कुमार, शिक्षक सुहेल अख्तर बेग भी मौके पर मौजूद रहे। काउंसलिंग की हुई वीडियोग्राफी बिजनौर। तबादले पर आए शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने की एडीएम ने वीडियोग्राफी भी कराई। एक-एक शिक्षक को बुला कर स्कूल के सामने हस्ताक्षर करा कर स्कूल लॉक किया। मामले में पारदर्शिता के लिए एडीएम सख्त दिखाए गए। एडीएम सख्त न होते तो सूची में भी शिथिलता बरती जा सकती थी। शिक्षा विभाग के अफसर भी सहमे रहे। शिक्षक नेता भी रहे मायूस काउंसलिंग में शिक्षा विभाग के कई शिक्षक नेता भी मायूस होकर लौट गए। एडीएम के काउंसलिंग में बैठे होने से किसी ने भी मनमानी करने की कोशिश नहीं की। शिक्षक संगठनों के नेता मौके पर पहुंचे जरूर। पर जब देखा कि काउंसलिंग में किसी की मनमानी नहीं चलेगी तो बैरंग लौट गए। उपस्थिति पंजिका पर दिन भर उठे सवाल तबादले पर आए शिक्षकों ने उपस्थिति पंजिका पर सवाल उठाए हैं। शिक्षकों का कहना था कि जिले में ज्वाइनिंग के दिन जिन पंजिका में उनके हस्ताक्षर कराए गए थे, दूसरे दिन ही बेसिक शिक्षा विभाग ने उसे बदल दिया। पंजिका बदलने से ही उनका क्रमांक ऊपर नीचे किया गया है। कई शिक्षिकाओं ने एडीएम से इसकी शिकायत की है। मामले की जांच कराने की मांग की है। तीन ब्लॉक पहले दिन की लॉक हुए काउंसलिंग के पहले दिन ही शहर के निकट के तीन विकास क्षेत्रों में रिक्त पद लॉक कर दिए गए। ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल, किरतपुर और हल्दौर चाहने वालों की संख्या ज्यादा होने पर पहले दिन ही लॉक हो गए। अब बृहस्पतिवार को काउंसलिंग में इन ब्लाकों स्कूल चाहने वालों को निराशा मिलेगी।
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