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पहले कम और अब ज्यादा बारिश बनी मुसीबत

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मंडावर क्षेत्र में गंगा का जल स्तर बढ़ने ग्रामीणों को समझाते थानाध्यक्ष संजय कुमार। - फोटो : BIJNOR
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पहले कम और अब ज्यादा बारिश बनी मुसीबत
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बिजनौर। पहले कम बारिश होने से गन्ना व धान की फसल के उत्पादन प्रभावित हुआ। अब सितंबर माह में लगातार बारिश होने से सब्जियां, धान, उड़द की फसल को नुकसान है। बारिश के साथ हवा चलने से गन्ना फसल गिर रही है, जिससे उसके उत्पादन पर असर आएगा। बारिश होने से अगेती आलू, लाही एवं सितंबर माह में ट्रेंच विधि से होने वाली गन्ने की बुवाई प्रभावित होगी।
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इस बार किसान की मेहनत पर मौसम ही ग्रहण बना हुआ है। बरसात के मौसम में बारिश कम होने से गन्ना, धान की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने सूखा प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराया था, जिसमें गन्ने में करीब आठ प्रतिशत तथा धान में 12 से 15 प्रतिशत नुकसान आया था। अब सितंबर में बारिश होने से गन्ना फसल हवा में गिर रही है। उड़द की फसल में पानी भरा होने से दाना अंकुरित होने की संभावना रहती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ता है। सब्जियों में पानी भरा होने से खराब हो जाती है। बारिश से सितंबर माह में ट्रेंच विधि से होने वाली गन्ना बुवाई, अगेती आलू और लाही की फसल की बुवाई प्रभावित होगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि इस समय बारिश से ज्यादा फसलों को नुकसान नहीं है। पानी भरा होने से सब्जियों को हानि है तथा उड़द की फली पानी में होने से उसका दाना अंकुरित हो जाता है। इससे उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा।
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सितंबर माह में हुई बारिश
वर्ष 2015 --- 90 एमएम
वर्ष 2016 --- 34.8 एमएम
वर्ष 2017 --- 162.6 एमएम
वर्ष 2018 --- 211.2 एमएम
वर्ष 2019 --- 120.6 एमएम
वर्ष 2020 --- 1.0 एमएम
वर्ष 2021 --- 224.2 एमएम
वर्ष 2022 --- 170 एमएम
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