बिजनौर। जनपद ही नहीं प्रदेशभर में फसलों का ई-क्रॉप सर्वे हो रहा है। इस नई पहले से किसान व विभाग दोनों हाईटेक हो जाएंगे। एप पर सब विवरण मिल जाएगा। राजस्व और कृषि विभाग मिलकर फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे कर रहे हैं। यह सर्वे मोबाइल फोन के एप के माध्यम से किया जा रहा है। लेखपाल व अन्य प्रशिक्षित कर्मचारी खेतों पर जाकर फसलों का क्रॉप सर्वे कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल का चित्र, क्षेत्रफल आदि विवरण ऑनलाइन फीड किया जा रहा है।
जनपद में 2959 गांवों के मौजों के 96329 गाटा का क्रॉप सर्वे डिजिटल किया जा रहा है। इसमें करीब 412 सर्वेयर, 60 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। खरीफ की फसल में ट्रायल के रूप में 10 गांव में डिजिटल सर्वे कराया गया था। अभी तक राजस्व विभाग की ओर से आकलन करके फसलों का विवरण भरा जाता था, लेकिन अब लेखपाल व अन्य कर्मचारी ऑफिस पर बैठकर नहीं खेत पर जाकर ही डिजिटल ई-क्रॉप सर्वे किया जाएगा।
- इसी आधार पर तैयारी होगी खसरा खतौनी
अफसरों के अनुसार ई-क्रॉप सर्वे के आधार पर ही किसानों के खेतों की खसरा और खतौनी डाटा तैयार की जाएगी। हर खेत में कौनसी फसल उगाई जा रही है।
- हर सीजन में होगा डिजिटल ई-क्रॉप सर्वे
कृषि विभाग विषय वस्तु विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि अनुसार जनपद में रबी, जायद और खरीफ की सभी फसलों का डिजिटल सर्वे होगा। इन सीजन में खेतों खड़ी सभी फसलों का चित्र समेत नाम आदि सब ऑनलाइन फीडिंग किया जाएगा।
रबी, खरीफ, जायद की फसलों क ई क्रॉप सर्वे होने से पारदर्शिता पूरी रहेगी। इससे किसान व विभाग दोनों के लिए अच्छा है। कृषि विभाग व राजस्व विभाग मिल कार्य को पूर्ण कर रहे हैं। -गिरीश चंद उप कृषि निदेशक
- यह सर्वे 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें लेखपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ई क्रॉप एप के माध्यम से लाइव लोकेशन के जरिए खेत के फोटो के साथ डाटा फीड किया जाएगा। इसमें जिले में कौन सी फसल कितने क्षेत्रफल में है, यह तो दर्ज होगा ही। -अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व