सड़कों पर उड़ रही धूल, फूल रही दमा रोगियों की सांस
बिजनौर। शहर में सड़कों के निर्माण कार्य और आसपास खोदाई की वजह से धूल उड़ रही है। इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते धूल उड़ने से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। एक तो सर्दी और दूसरी ओर धूल की वजह से प्रदूषण बढ़ने से यह समस्या बढ़ रही है। जबकि धूल न उड़े, इसके लिए पानी छिड़काव का नियम है।
शहर में नालों की खोदाई कर पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है। जिसके चलते ठेकेदार नालों की खोदाई कर रहे हैं। मगर धूल न उड़े, इसका कोई इंतजाम नहीं किया है। जिसकी वजह से धूल दमा रोगियों की सांस फूला रही है। नजीबाबाद मार्ग पर स्थित काकरान वाटिका के पास भी नाला खोदकर पाइप डाला जा रहा है। जिसकी वजह से खूब धूल उड़ रही है। जिससे लोग मुंह पर रूमाल या कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहे हैं। वहीं जो लोग अस्थमा से ग्रसित है, उनकी समस्या बढ़ गई है। क्योंकि धूल उड़कर उनके शरीर में प्रवेश कर रही है। जो सांस नली में बैठ जाती है। जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। नगरपालिका की ओर से खोदाई की गई मिट्टी पर पानी का छिड़काव तक नहीं कराया गया है। जिससे साफ पता चल रहा है कि नियमों को पालन नहीं किया जा रहा है। क्योंकि खोदाई करते समय धूल न उड़े, इसलिए पानी का छिड़काव करने का नियम है।
निर्माणाधीन हाईवे पर भी नहीं करा रहे छिड़काव
जिले में कई हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। जहां अभी हाइवे की शुरूआत हुई है, वहां खूब धूल उड़ रही है। जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि अधिकारी धूल न उड़े, इसके लिए पानी का छिड़काव करने का दावा कर रहे हैं।
शुगर मिल की तरफ धूल से परेशानी राहगीर
बिजनौर में शुगर मिल की तरफ खूब धूल उड़ रही है। क्योंकि ट्रैक्टर, ट्राली और ट्रक आने की वजह से सड़क पर धूल ज्यादा है। लेकिन पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। जिससे शुगर मिल के सामने से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।