पहाड़ की बारिश से गंगा में आया उफान
बिजनौर। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बरसात से नदियां उफन रही हैं। गंगा के खतरे के निशान से सिर्फ 0.50 मीटर दूर ही रह गई है। सुबह से लेकर शाम होने तक गंगा का जलस्तर 0.20 मीटर बढ़ गया। उफान से गंगा के खादर में बाढ़ का पानी भरा हुआ है, तटों के आसपास गंगा तेजी से कटान भी कर रही है।
रविवार को बिजनौर बैराज पर सुबह आठ बजे जलस्तर 219.30 मीटर बना हुआ था, जोकि शाम चार बजे तक बढ़कर 219.50 मीटर हो गया। हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से एक लाख तीन हजार क्यूसेक पानी सुबह आठ बजे छोड़ा गया। बिजनौर बैराज से सुबह आठ बजे 93 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। जबकि शाम चार बजे बिजनौर बैराज पर पानी का दबाव बढ़ा तो एक लाख 22 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज करना पड़ा।
बता दें कि पहाड़ पर हो रही लगातार बारिश की वजह से गंगा और उसकी सहायक नदियों में उफान बना हुआ। बिजनौर बैराज पर गंगा की धारा खतरे के निशान से महज 0.50 मीटर दूर रह गई है। गंगा के खादर इलाके में बालावाली से लेकर बिजनौर बैराज तक खेतों में पानी भरा हुआ है। डाउन स्ट्रीम में भी जलीलपुर के पास खादर में खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बालावाली से रावली तक जिन जगहों पर गंगा गहराई में बह रही है, वहां जमीन का कटान हो रहा है। नांगल सोती के गांव गौसपुर मे कटान रोकने के लिए लगाई गईं अस्थायी स्टड की बल्लियां गंगा में समा गई हैं। गंगा के अलावा मालन, कोटावाली, रवासन, खो और रामगंगा में भी उफान बना हुआ है।
पुलिस ने तटीय इलाकों में किया एनाउंसमेंट
मंडावर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि गंगा में उफान को देखते हुए बालावाली और खादर में बसे गांवों में पुलिस की ओर से संपर्क कर हिदायत दी जा रही है। एनाउंसमेंट करते हुए लोगों को गंगा की तरफ नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। पुलिस लोगों को लगातार नदियों की तरफ नहीं जाने की हिदायत दे रही है।