अफजलगढ़। औषधि विक्रेता संघ कासमपुरगढ़ी की ओर से बस स्टैंड स्थित मंडप में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस की ओर से नारकोटिक्स की दवाईयों के उत्पीड़न किये जाने सहित अनेक समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में जिले के काफी संख्या में औषधि विक्रेताओं ने भाग लिया।
सोमवार को आयोजित औषधि विक्रेताओं की बैठक में वक्ताओं ने औषधि विक्रेताओं को एकजुट होकर रहने का आह्वान किया। साथ ही बताया कि चिकित्सक के पर्चे पर लिखी दवाईयों के अनुसार उन्हें नारकोटिक्स की दवाइयां भी रखनी पड़ती है , जिन दवाइयों को रखने को लेकर पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है। जबकि चिकित्सक के रोगी को लिखे पर्चे के अनुसार उन्हें दवाई देनी होती है।
वक्ताओं ने मौजूद औषधि विक्रेताओं से नशे की दवाईयों को नशेड़ी लोगों को न बेचने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि यदि कोई उनका फिर भी उत्पीड़न करता है तो वह एकजुट होकर समस्या का सामना करें और संगठन को अवगत कराये। इसके अलावा उन्होंने नारकोटिक्स की दवाईयों सहित पक्के बिल पर दवाइयां रखने को कहा। साथ ही कहा कि शासन की ओर से औषधि विक्रेताओं पर नए-नए कानून थोपे जा रहे है, जो सरासर गलत हैं। सरकार को चाहिए की वह औषधि विक्रेताओं के हित में भी कानून बनाये।
इस अवसर पर सुबोध कुमार, संतोष कुमार, महेंद्र सिंह अश्वनी शर्मा, इदंर सिंह चौहान, वीरपाल सिंह, अचल चौहान, सुनील कुमार, नागेंद्र सिंह, प्रमोद विश्नोई, अतुल जैन व जितेंद्र तोमर सहित जिलेभर से औषधि विक्रेताओं ने भाग लिया।