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Bijnor News: जिले के चार शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को डीपीआर तैयार

Sat, 20 Jan 2024 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट
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बिजनौर। नदियों को प्रदूषण मुक्त करने की कवायद आगे बढ़ने लगी है। दरअसल शहरों से निकलने वाला गंदा पानी अब सीधे नदियों में नहीं डाला जाएगा। इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाने हैं। चार पालिकाओं में प्लांट लगाने के लिए डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। बाकी दो के लिए जमीन तलाशी जा रही है। इसके बाद अन्य निकायों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
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बिजनौर शहर में पहले ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू है। जिससे शहर के नालों को जोड़ा जा चुका है। हालांकि घरों से निकलने वाले सीवेज के अभी कनेक्शन होना बाकी है। अब जिला मुख्यालय के अलावा बाकी छह शहरों में भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने हैं। शेरकोट, धामपुर, चांदपुर और किरतपुर में प्लांट के लिए जमीन मिल चुकी है। साथ ही इनकी डीपीआर यानि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बन चुकी है। नगीना और नजीबाबाद में अभी जमीन नहीं मिली है। इन दोनों जगहों पर जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही इनकी भी डीपीआर बनाकर भेज दी जाएगी।

- प्रदूषण से जूझ रही मालन को मिलेगी संजीवनी
मालन नदी में नजीबाबाद शहर का पानी नालों के जरिए पहुंचता है। हालांकि नगर पालिका दावा करती है कि चेकडैम और नालों पर उपकरण लगाकर काफी हद तक गंदगी रोकी जाती है, इसके बावजूद नदी में प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में नजीबाबाद में एसटीपी प्लांट लगता है तो प्रदूषण से इस नदी को काफी छुटकारा मिल जाएगा। वहीं रावली में जाकर मालन गंगा में मिलती है, जिससे गंगा में भी प्रदूषण का स्तर घटेगा।
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- जहां नदी में गिर रहे नाले, वहां पहले चरण में होगा काम
जलनिगम शहरी एसटीपी प्लांट को लेकर योजना तैयार कर रहा है। पहले चरण में ऐसे निकायों का शामिल किया जाएगा, जहां सीधे तौर पर शहर या कस्बे का पानी नदी या नहर में गिर रहा है और फिर यह गंगा या अन्य बड़ी नदियों तक पहुंच है। योजना सफल रही तो नदियों को शहरों के प्रदूषित पानी से बड़े स्तर पर राहत मिल जाएगी।
- नगर पालिकाओं के माध्यम से नजीबाबाद और नगीना में जमीन की तलाश चल रही है। इससे पहले कुछ जगहों पर जमीन मिल चुकी है और वहां के प्रस्ताव जा चुके हैं। इससे नदियों में पानी ट्रीटमेंट के बाद ही जाएगा। - विनय कुमार, एडीएम प्रशासन, बिजनौर
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