बिजनौर, नींदडू। दीनी जलसे में उलमा ने नौजवानों का आह्वान कर दहेज को शादी-निकाह में सबसे बड़ी रुकावट बताते हुए दहेज को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करने को कहा है।
शुक्रवार को उमर मस्जिद के पास मौलवी शमशीर अहमद के संरक्षण, मुफ्ती मोहम्मद अशरफ मजाहिरी की अध्यक्षता तथा कारी मुबीन कुरैशी के संचालन में होने वाले जलसे का आरंभ कारी तलअत महमूद के कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। हाफिज मुस्तफा तरन्नुम ने नात पढ़ी। मुख्य अतिथि मुफ्ती अब्दुल गफूर संभली ने दहेज को अभिशाप बताते हुए नौजवानों से किसी भी स्थिति में दहेज नहीं लेने को कहा। उन्होंने दहेज को शादी-निकाह में सबसे बड़ी रुकावट बताया। कहा कि इस्लाम में निकाह को आसान बनाया गया है, लेकिन दहेज के लालच में हम इसे मुश्किल बना रहे हैं। परिणाम स्वरूप कितनी ही युवतियां घरों में बिना निकाह के बैठीं हैं। इसलिए इस सामाजिक बुराई से बचना चाहिए।
मुफ्ती मोहम्मद कासिम ने नौजवानों से गुनाहों से बचने तथा नेक कार्य करने को कहा। उन्होंने लोगों से दिन में पांच वक्त की नमाज अदा करने, रमजान के रोजे रखने तथा तमाम बुराइयों का परित्याग करने को कहा। मौलवी मोहम्मद फैसल ने नौजवानों से अल्लाह के हुक्म और नबी के बताए रास्ते पर चलकर जिंदगी गुजारने को कहा। जलसे में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।