स्योहारा क्षेत्र में लाल सड़न रोग से सूखी गन्ने की फसल।
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फोटो समाचार
- गन्ने में फैल रहा है लाल सड़न (रेडरॉट) रोग, सूख रहे गन्ने के खेत
स्योहारा। स्योहारा चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना प्रजाति को 0238 में लाल सड़न रोग बहुत तेजी से फैल रहा है। जिसके कारण खेतों में खड़े गन्ने सूख रहे हैं। लगभग 15 सौ खेतों में 1700 हेटक्टेयर गन्ना रेडरॉट की चपेट में आ चुका है।
चीनी मिल के अधिशासी अध्यक्ष सुखवीर सिंह का कहना है कि लाल सड़न रोग का अभी तक कोई भी उपचार नहीं है। बचाव के लिए सूखे मेढ़ों को जमीन की सतह से काटकर बाहर निकाल कर जला दें तथा काटे गये मेढ़ों के स्थान पर ब्लीचिंग पाउडर डाल दें। जिन खेतों में 30 से 40 प्रतिशत गन्ना सूख गया है उन खेतों की जुताई करके गन्ना समाप्त कर उसमें चना, मटर, आलू, गेहूँ इत्यादि किसी भी फसल की बुवाई करें। ऐसे खेतों में तुरन्त गन्ना कदापि न बोयें, यदि रोग नोलख (पौधा) फसल में हो तो उस खेत में पेड़ी भी नहीं लेनी है। किसानों से अपील की है कि आगामी शरदकालीन व बसन्तकालीन गन्ना बुवाई में को0-0238 प्रजाति की बुवाई कदापि न करें, इसके स्थान पर रोग रोधी गन्ना प्रजाति को0-0118 व को0-15023 प्रजातियों की ही बुवाई करें। गन्ना उपाध्यक्ष अरविन्द सिंह ने बताया कि क्षेत्र के सर्वे में लगीं 60 टीमों के अनुसार 1496 खेतों में लगभग 1700 हेक्टेयर गन्ना रेडरॉट की चपेट में आ गया है। आधे से ज्यादा खेतों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा चुका है। उपरोक्त प्रजातियों का बीज व ब्लीचिंग पाउडर लेने हेतु क्षेत्र के किसान चीनी मिल सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं।