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बाधाओं की परवाह नहीं, शिवालयों पर नजर

Wed, 08 Aug 2018 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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नगीना से होकर कांवड़ लेकर जाते शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के धामपुर में कांवड़ियों के गगनभेदी जयकारों से नगर का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है। कांवड़िये वाहनों पर लगे डीजे पर भगवान शिव के विभिन्न भजनों के बीच नृत्य करते हुए अपने गंतव्य की रवाना हो रहे है। कई कांवड़ियों के पैरों में गहरे जख्म हो गए हैं, लेकिन इनकी परवाह किए बगैर वे मंजिल की ओर से बढ़ रहे हैं। श्रावण मास में लाखों शिव भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर गंतव्यों का जा रहे हैं। बुधवार गुरुद्वारा श्री गुरू सिंह सभा की ओर से शिवभक्तों को फलों का वितरण कर उनकी सेवा की। अधिकांश कांवड़िये गांव सुहागपुर के हाईवे 74 के किनारे स्थित शिव मंदिर में रुके। कांवडियों ने यहां पर स्नान और नित्य कर्म आदि करने के बाद आराम किया। इसके बाद में अपने गंतव्य को रवाना हो गए। बहेड़ी (बरेली) के जत्थे में शामिल महंत ओमवीर सिंह और नरेंद्र सिंह का कहना है कि वह कई सालों से कांवड़ ला रहे हैं। लेकिन इस बार रास्ता बदहाल होने के कारण कई शिव भक्तों के पैैरों में जख्म हो गए। जिससे उन्हें चलने में काफी परेशानी हो रही है। जत्थे में रुद्रप्रकाश, राजेंद्र सिंह, सुमित सिंह, शिशुपाल सिंह, सुनील गंगवार, महेश कुमार, दीपक सिंह, संदीप सिंह, रोहित कुमार, भगवान दास शामिल रहे। शिक्षक धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों की सेवा की। धर्मपाल सिंह का कहना है कि मंदिर का रास्ता ठीक नहीं है। स्ट्रीट लाइट की कमी है, जिसके लिए कई बार मांग की गई। लेकिन इन मांगों के पूरा न होने से शिव भक्तों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शिवरात्रि के लिए शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। पालिका की ओर से विशेष सफाई व्यवस्था कराई जा रही है, चूना बिखरवाया जा रहा है। मंदिरों पर सुरक्षा के लिए पुलिस को तैनात किया गया है, साथ ही बैरीकेडिंग की जा रही है। ...प्रेम से जपोगे तो मिटेंगे सारे गम नजीबाबाद। भगवान आशुुतोष का जलाभिषेक करने के लिए पैदल और बाइकर्स शिवभक्तों की डाक कांवड़ के जत्थे आकर्षण का केंद्र रहे। स्वयंभू मोटा महादेव सिद्घ पीठ मंदिर में पहले जलाभिषेक के बाद शिवभक्त बाबा भैरो नाथ के दर्शन कर रहे हैं। मान्यता है कि हरिद्वार से नजीबाबाद पहुंचने वाले शिवभक्त कांवड़िये भगवान शिव का पहला जलाभिषेक कर बाबा भैरो नाथ मंदिर दर्शन कर पुजारी द्वारा बाबा भैरो नाथ का सोटा लगते ही मंजिल की थकान दूर को जाती है। शिवभक्त कांवड़ियेए नई ऊर्जा और जोश के साथ अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। बम भोले बम भोले बम बम बम, प्रेम से जपोगे तो मिटेंगे सारे गम...., हर-हर महादेव जैसे भगवान शिव के जयकारों के साथ शिवभक्त मंजिल की और बढ़ रहे हैं। उधर, भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए नगर और ग्रामीण अंचलों के शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया है। नीलकंठ महादेव शिव मंदिर रमेश नगर, राधा-मंडल शिवमंदिर दीवान परमानंद, मुक्टेश्वर महादेव मंदिर, गीता मंदिर, शिव वाटिका रेलवे स्टेशन, टीला क्षेत्र स्थित शिवमंदिर, शीतला माता शिवमंदिर संतोमालन, शिवमंदिर रम्पुरा, शिवमंदिर श्यामली सहित ग्रामीण अंचलों के शिव मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। हाइवे शिव के जयकारों से गूंजा रेहड़। सावन मास की शिवरात्रि पर धूप और बारिश की परवाह ना करते हुए शिव भक्त अपने गंतव्य पर आगे बढ़ रहे हैं। हाइवे भगवान शिव के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है। बृहस्पतिवार को होने वाली श्रावण मास की शिवरात्रि पर अपने आराध्य देव भगवान आशुतोष के जलाभिषेक के लिए भोले के भक्त चिलचिलाती धूप व बारिश की परवाह ना करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। रास्ते के गड्ढे भी उनके हौसले को डिगा नहीं पा रहे हैं।
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