बिजनौर के ग्राम स्वाहेड़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते डीएम उम
- मेडिकल कॉलेज की कार्य गुणवत्ता में कमी मिलने पर डीएफ खफा
- प्लंबरिंग एवं विद्युत फिटिंग की कार्य सामग्री में गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज के निर्माण में देरी और गुणवत्ता सही नहीं मिलने पर डीएम उमेश मिश्रा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्रवेश द्वार के सामने कक्षा होने पर भी आपत्ति जताई।
मंगलवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने स्वाहेड़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण में निर्माण कार्य से संबंधित कई कमियां पाई गई। जिसको लेकर डीएम ने कार्यदायी संस्था को समय से निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जनशक्ति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में सड़कों का निर्माण करने और उसके दोनों तरफ फूलदार, छायादार पौधे लगाने के लिए कहा। भवन में प्लंबरिंग एवं विद्युत फिटिंग का कार्य और सामग्री की अच्छी गुणवत्ता का ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया। प्रवेश द्वार के सामने कक्षा को लेकर कहा कि लोगों के आवागमन से विद्यार्थियों का ध्यान भटकेगा।
मई तक पूरा करें सभी भवनों का निर्माण कार्य
कक्षाओं में ग्रेनाइट पत्थर भी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। जिसके चलते पत्थर को तुंरत बदलवाने के निर्देश दिए। साथ ही ब्यॉज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल सहित अन्य भवनों को मई तक पूरा करने के लिए कहा। डीएम ने आगे कहा कि अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को कॉलेज के निर्माण कार्य का डाटा तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस मौके पर अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर सिंह, निर्माण कार्यदायी संस्था के निदेशक आलोक, प्राचार्य डॉ. उर्मिला, डॉ. मनोज सैन आदि मौजूद रहे।