ग्राम करौंदा चौंधर में ट्रेंच विधि से उगाए गए गन्ने को देखते किसान।
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बिजनौर में जिला मुजफ्फरनगर से आए किसानों ने कई गांवों में जाकर सितंबर माह में बोए गए गन्ने की पैदावार को देखा। इस फसल में कुछ किसानों ने जैविक व गोबर की खाद का प्रयोग किया है। इसकी पैदावार 190 क्विंटल प्रति बीघा निकली। किसानों ने इसी तकनीक को अपनाकर गन्ना बोने की बात कही है। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार, विभाग का ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई को बढ़ावा देने पर जोर है। इसके लिए सितंबर माह में अभियान चलाया गया। कई गांवों के किसानों ने गन्ने में गोबर व हरी खाद का इस्तेमाल किया। रासायनिक खादों का उन्होंने कतई इस्तेमाल नहीं किया। इससे गन्ने की बढ़वार अच्छी है। मुजफ्फरनगर के किसानों ने सीकरी, करौंधा चौधर, नहटौर, धामपुर तथा फतहपुर गांवों के खेतों में जाकर गन्ने की फसल को देखा। किसान सतेंद्र सिंह का कहना था कि बिजनौर के गन्ने ने प्रदेश में डंका बजा रखा है। क्रॉप कटिंग में बिजनौर के गन्ने की उपज 190 क्विंटल प्रति बीघा निकलने से वह प्रभावित हैं।ं अर्ली वैरायटी का रकबा बढ़ना किसान के लिए फायदे का सौदा है।