- वर्ष 2015 में शराब तस्करी मामले में गैर जमानती वारंट होने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
- थाने में चेतावनी पत्र लगाने का प्रयास, पुलिस से नोकझोंक करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नांगलसोती (बिजनौर)। थाने में महापंचायत का चेतावनी पत्र लगाने को लेकर संयुक्त किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष और पुलिस में नोकझोंक हो गई। इसके बाद पुलिस ने थाने के बाहर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और संगठन के जिलाध्यक्ष को गैर जमानती वारंट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
नांगल थाने पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए संयुक्त किसान मजदूर के संगठन के जिलाध्यक्ष छतर सिंह और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। किसान संगठन के लोगों ने नांगल पुलिस को चेतावनी देते हुए 15 फरवरी को थाने पर महापंचायत करने का एलान कर दिया।
जिलाध्यक्ष छतर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाने में महापंचायत करने का चेतावनी पत्र लगाने का प्रयास किया। मंडावली थानाध्यक्ष सुदेशपाल सिंह और पुलिसकर्मियों ने जिलाध्यक्ष को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसान संगठन के लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष छतर सिंह को पकड़कर हिरासत में ले लिया और अन्य किसानों को लाठी फटकार कर खदेड़ दिया।
नांगल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि संयुक्त किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष छतर सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर पुलिस के पास गैरजमानती वारंट है, जिसमें पुलिस को उनकी तलाश थी। उन्हें हिरासत लेकर बिजनौर पुलिस को सौंपा गया है।
जिलाध्यक्ष की पुत्री ने एसपी को लिखा पत्र
नजीबाबाद। कोतवाली शहर के गांव आसपुर नवादा निवासी प्रियंका देशवाल ने एसपी को पत्र लिखकर नांगल पुलिस पर धरना दे रहे किसानों को जबरन लाठी डंडों से खदेड़ने का आरोप लगाया है। साथ ही जिलाध्यक्ष छतर सिंह को थानाध्यक्ष अशोक कुमार और एक दरोगा द्वारा घसीट कर ले जाने व मारपीट करने के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रियंका देशवाल का कहना है कि उसकी कृषि भूमि नांगलसोती के मौजा शाहपुर जसरथ उर्फ पूंडरी में है। कुछ लोगों ने उनके नलकूप का पाइप, मोटर आदि चोरी कर लिया था। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर पिता और संगठन कार्यकर्ता शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे।
नांगल थाने के बाहर से किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष को हिरासत में लेती पुलिस।