- बोर्ड की सामान्य बैठक का आयोजन, सर्वसम्मति से प्रस्तावों पर लगी मुहर
- बोर्ड की बैठक से विरोधी खेमा रहा दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला पंचायत के बोर्ड की सामान्य बैठक में 56 करोड़ के प्रस्तावों को पास किया गया। आमदनी और खर्च का ब्यौरा रखते हुए विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार की गई। हालांकि बैठक से विरोधी खेमे के जिला पंचायत सदस्यों ने दूरी बनाए रखी।
शनिवार को जिला पंचायत बोर्ड की सामान्य बैठक का आयोजन किया गया। यूं तो यह बैठक एक महीना पहले की जानी थी लेकिन आचार संहिता के चलते अब आयोजन हो सका। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीस सदस्य ही उपस्थित हुए बाकी विरोधी गुट के सदस्य अनुपस्थित रहे। हालांकि कोरम पूरा होने पर बैठक में 56 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पास कर दिए। इसके साथ ही पशु पैंठ बाजार के मूल्यों में संशोधन कर दिया गया। बताया गया कि 1997 में मूल्य तय किया गया था। इसके साथ ही रेहड़ में निर्मित गो आश्रय स्थल पर बिजली कनेक्शन का प्रस्ताव भी पास हुआ। साथ ही जिला पंचायत मुकदमे लड़ने वाले वकीलों दिए जाने वाले शुल्क की दरों में संशोधन करते हुए अब दस हजार रुपये कर दिया गया। कर सूची को भी स्वीकृति दी गई है।
बैठक में कार्य योजना को अंतिम रूप देने का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दिया गया। सूत्रों की मानें तो बैठक में अनुपस्थित रहने की वजह से विरोधी खाली हाथ रह गए हैं। क्योंकि इनकी ओर से विकास कार्यों के प्रस्ताव भी नहीं दिए जा सके। बैठक में पूर्व अध्यक्ष नसरीन सैफी, इंतखाब राणा समेत तीस सदस्य शामिल हुए।
पांच सदस्यों ने बदल लिया खेमा
विरोधी खेमा जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारियों में लगा था। जिन्होंने डीएम को शपथ पत्र भी दिए, तारीख नहीं मिलने पर यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा। हालांकि प्रदेश सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव पर कानून में संशोधन कर दिया था। जिसके बाद से विरोधी खेमे के हौंसले पस्त हैं। अब बोर्ड की बैठक हुई तो इसमें पांच सदस्य वे भी उपस्थित हो गए जोकि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले गुट के संग लगे थे। बताया गया कि इन्होंने अब खेमा बदल लिया है।
एजेंडे से बाहर रहा अमानगढ़ जिला पंचायत की बैठक में अमानगढ़ एजेंडे से बाहर रहा। बता दें कि पिछले दिनों जिला पंचायत की ओर से अमानगढ़ रेंज के पास एक गेस्ट हाऊस बनाने की कवायद चल रही थी। अब इस गेस्ट का कोई जिक्र भी नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों अमानगढ़ के पास एक निर्माण को लेकर विवाद के बाद जिला पंचायत ने भी हाथ खींच लिए हैं।