बिजनौर में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक लेते सीडीओ पूर्ण बोरा।
- बफर गोदाम में प्रीपोजीशनिंग स्टाक निर्धारित लक्ष्य से कम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में सीडीओ पूर्ण बोरा ने एआर (सहकारिता) व डीसीओ को निर्देश दिए कि सहकारी एवं गन्ना समितियों पर किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों का वितरण निर्धारित मूल्य पर किया जाए। उर्वरकों के वितरण की सतत् निगरानी को कर्मचारियों की केंद्रवार ड्यूटी लगाए। साथ ही जिले की सीमावर्ती समितियों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।
बृहस्पतिवार को विकास भवन के सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ ने कहा कि उर्वरकों का वितरण किसानों को पीओएस मशीन से किया जाए। मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न करें और निर्धारित मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री करें और किसानों को रसीद अनिवार्य रूप से दें। इस पहले जिला कृषि अधिकारी डाॅ. अवधेश मिश्र ने बताया कि खरीफ सीजन 2023 के लिए यूरिया 1087230 मीट्रिक टन, डीएपी 14750.00 मीट्रिक टन, एनपीके 4397.00 मीट्रिक टन के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिसके सापेक्ष वर्तमान में यूरिया 63099.00 मीट्रिक टन, डीएपी 11883.00 मीट्रिक टन, एनपीके 5291.00 मीट्रिक टन की उपलब्धता है। जनपद में सभी आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में आवक बनी हुई है।
बफर गोदाम में प्रीपोजीशनिंग स्टाक निर्धारित लक्ष्य से कम है। जिसे प्रदायकर्ता संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा। सरकार के द्वारा जैव उर्वरक, नैनों यूरिया एवं डीएपी के वितरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया उर्वरकों की आपूर्ति एवं वितरण इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत हो रही है।उर्वरकों का वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से ही किया जाए।