- बोले एसपी पटेल - समेकित शिक्षा से दिव्यांगों का शैक्षिक और मानसिक मनोबल बढ़ेगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग सामाजिक और शैक्षिक उत्थान के लिए दिव्यांगों को समेकित शिक्षा के अवसर दिलाएगा। समेकित शिक्षा के लिए प्रदेश में पांच स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि सात स्कूल निर्माणाधीन हैं।
उप्र दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक आईएएस सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा के अंग हैं। समाज को दिव्यांगों के प्रति सहानुभूति और दया भाव जागृत रखना होगा। लखनऊ से मसूरी प्रशिक्षण के लिए जाते समय प्रेमधाम आश्रम का निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह बात कही।उन्होंने कहा कि दिव्यांगों का मनोबल ऊंचा रखने, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, समेकित शिक्षा को बढ़ाया देने के लिए प्रदेश में पांच स्कूल तत्काल प्रभाव से स्थापित किए गए हैं। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक प्रयागराज, लखनऊ, ओरैया, कन्नौज और आजमगढ़ में समेकित शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत स्थापित स्कूलों में 50 प्रतिशत दिव्यांगों और इतने ही सामान्य बच्चों को एक साथ पढ़ने का अवसर मिलेगा। दिव्यांगों को निशुल्क आवासीय और शैक्षिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
एसपी पटेल ने बताया कि समेकित शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत गाजियाबाद, एटा, मिर्जापुर, महाराजगंज, बलिया सहित सात समेकित शिक्षा व्यवस्था के लिए सात स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने दिव्यांगों के लिए ऑनलाइन सहित कई शिक्षण संस्थाएं संचालित होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर सहित शासन स्तर से कई स्थानों पर मानसिक मंदिता प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें हर प्रकार के दिव्यांगों को शिक्षा, रोजगार परख प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।