- शुभ संयोग दूसरे सोमवार को आई सोमवती अमावस्या
- श्रद्धालुओं ने पितरों की शांति के लिए किया गंगा तट पर दान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यह शुभ संयोग है कि इस बार सावन के दूसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या आई है। सोमवती अमावस्या पर जिले के हजारों श्रद्धालुओं ने बैराज गंगा घाट पर गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा तट पर दान देकर परिवार के कष्ट दूर करने की कामना। सोमवार होने पर श्रद्धालुओं ने वहां स्थित शिवलिंग पर गंगाजल से जलाभिषेक किया।
सोमवती अमावस्या पर गंगा बैराज घाट के अलावा महात्मा विदुरकुटी गंगा घाट, रावली घाट एवं नांगलसोती गंगा स्नान घाट पर सुबह सवेरे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा था। श्रद्धालुओं ने पहले गंगा स्नान किया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मां की विधि विधान के साथ पूजा की। पूजा करने के उपरांत परिवार की शांति, कष्ट हरण व सुख-समृद्धि की कामना की है। गंगा में जलस्तर ज्यादा एवं तेज बहाव होने से श्रद्धालुओं ने किनारे पर ही स्नान किया। श्रद्धालुओं में गंगा जल आचमन किया। सोमवती अमावस्या पर गंगर स्नान करके दान करने का बहुत महत्व है।
पंडितों की मानें तो इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सोमवती अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए पूजा अर्चना की जाती है। पंड़ितों के मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने दान दिया। कहते है कि इस दिन पितरों के लिए पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है। सोमवती अमावस्या व सोमवार दोनों एक दिन होने पर श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर स्थित शिवलिंग पर गंगाजल से जलाभिषेक किया और शिव भगवान की आराधना की।