- मेरठ की मवाना तहसील और चांदपुर तहसील की जमीन को लेकर है विवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलीलपुर/चांदपुर। बिजनौर-मेरठ सीमा विवाद के स्थायी समाधान की मांग को लेकर किसानों का चल रहा धरना होली के दिन भी जारी रहा। गंगा की धार का प्रवाह बदलने से मेरठ की तहसील मवाना व बिजनौर की तहसील चांदपुर क्षेत्र में दोनों जिले के किसानों के बीच सीमा विवाद रहता है। इसके स्थायी समाधान की मांग के लिए दोनों जिले की सीमा के निकट होली के दिन भी किसानों का धरना जारी रहा।
जनवरी के अंतिम सप्ताह व फरवरी माह की शुरूआत में मेरठ की तहसील मवाना की राजस्व टीम ने गंगा खादर क्षेत्र में नाप तौल शुरू की थी। चांदपुर के गांव नांदनौर (नारनौर), रायपुर खादर, सुजातपुर खादर आदि के कुछ किसानों ने नापतौल पर आपत्ति करते हुए चांदपुर तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर चांदपुर तहसील प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए टीम बनाकर नापतौल का आदेश दिया था।
कार्रवाई को आगे न बढ़ता देख भाकियू से जुड़े किसानों ने यूनियन नेताओं को अवगत कराया था। जिस पर बुधवार से गंगा खादर क्षेत्र में जिले की सीमा के निकट किसानों का धरना चल रहा है। धरने के सातवें दिन होली के बावजूद भाकियू से जुड़े दर्जनों किसानों ने धरना दिया।
भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव चौधरी कुलदीप सिंह ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान भाकियू जिला अध्यक्ष सतवीर सिंह सोनू, लुधियान सिंह, अशोक कुमार, चरन सिंह, हुकुम सिंह, जसवंत सिंह, हरपाल सिंह, कैलाश कुमार, विरेंद्र सिंह, प्रधान तेजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।