बिजनौर में गायत्री शक्तिपीठ पर हवन में आहुति देते श्रृद्धालु।
- मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर के गायत्री शक्ति पीठ में रविवार की सुबह गायत्री महायज्ञ हुआ। जिसमें मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए वेदमंत्रों से आहुतियां दी गई।
गायत्री साधक हुकुम सिंह शास्त्री एवं बिजेंद्र राठी ने गायत्री महायज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गायत्री महामंत्र के जाप और यज्ञ से विश्व शांति और हर प्रकार की की सुख शांति और धनसंपदा प्राप्त की जा सकती है। मणिपुर हिंसा पर चिंता व्यक्त की गई और हिंसा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए वेदमंत्रों से आहुतियां दी। बताया गया कि कि सोमवार से कासमपुर गढ़ी में माधोवाला रोड स्थित कोटबाग आश्रम में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है। सुबह आठ बजे मंगलकलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद शाम चार बजे से सात बजे तक व्यास पीठ पूजन और पावन प्रज्ञा पुराण कथा होगी।
अंतिम दिन 11 मई बृहस्पतिवार को महायज्ञ में पूर्णाहुति के बाद दोपहर साढ़े 11 बजे देव विदाई दी जाएगी। गायत्री महायज्ञ में बीना साहू, यशस्वी साहू, गौरव साहू, केदारनाथ साहू परिब्राजक, कंचन रानी, प्रदीप भटनागर समेत अनेक गायत्री साधकों ने आहुतियां दीं। गायत्री साधक इंद्र देव शर्मा ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा पर गायत्री परिवार के सदस्यों समेत लगभग 227 घरों में गायत्री महायज्ञ किया गया।