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Bijnor News: 450 वर्ष पुराने मंदिर में पूजा करने दूर-दूर से आते हैं भक्त

Tue, 28 Mar 2023 11:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- राजा का ताजपुर कस्बा बसने के साथ का ही है मां काली मंदिर
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- सोमवार को नव विवाहित जोड़े मंदिर में लगाते हैं जात
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
राजा का ताजपुर। कस्बे में करीब 450 वर्ष पुराना मां काली का मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर कस्बा बसने के साथ का ही बताया जाता है। मां का आशीर्वाद पाने के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर आते हैं। भक्त नवरात्रों में मां की सच्चे मन से पूजा अर्चना कर हैं। मंदिर में श्रद्धालु जोड़ों की जात लगाने से मां उनकी मनोकामना पूर्ण करती हैं।
राज परिवार के वंशज राजा रामकिशन सिंह ने साल 1590 में एक कस्बा बसाया था। जिसे राजा का ताजपुर नाम दिया गया। उस समय चारों ओर घना वन था। इन घने वनों के बीच में मां काली का मठ था। ग्रामीण बुजुर्ग सत्यवृत त्यागी, सुरेश शर्मा, संतराम सैनी, लेखा सिंह पाल, होरी सिंह त्यागी, राकेश शर्मा, शादीराम सैनी आदि का कहना है कि मां काली का मंदिर कस्बे के समय का ही है। शुरूआत में सैनी समाज की एक महिला मंदिर की साफ-सफाई कर पूजा अर्चना करती थी। समय बदलने के साथ ही मंदिर पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई।
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उत्तर प्रदेश के कई जिलों सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब से श्रद्धालु मां काली के मंदिर पहुंचते हैं। हर सोमवार को दूर-दूर से वाल्मीकि समाज के नव विवाहित जोड़े यहां जात लगाने आते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं ने मां के मठ के स्थान पर मां काली की संगमरमर की काफी बड़ी मूर्ति की स्थापना की गई है। इस मंदिर पर महाराज गोविंद सिंह पूजा अर्चना करते हैं। दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए एक बड़ा हाॅल बनाया गया है।
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