- गिलोय का सेवन करने से पा सकते हैं बुखार से छुटकारा
-चिकित्सक बोले, आयुर्वेद से दो सप्ताह में ठीक हो सकता है डेंगू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में बुखार तेजी से फैल रहा है। डेंगू आयुर्वेद में विषम ज्वर के नाम से मशहूर है। मगर, इसका इलाज भी कारगार है। आयुर्वेदिक दवाईयों से दो सप्ताह में डेंगू ठीक हो सकता है। लोगों का विश्वास अब एलोपैथिक, होम्योपैथिक के अलावा आयुर्वेद भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
बरसात के दिनों में शारीरिक बल कम रहता है, जबकि प्रकृति में दोषों की अधिकता रहती है। बुखार से बचने के लिए आयुर्वेद में कारगर दवाई उपलब्ध हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों का कहना है कि बुखार आने पर गिलोय का चूर्ण, काड़ा, अरक ले सकते हैं। बाजार में गिलोय घनवटी के नाम से मिलती है। अगर डेंगू हो जाए तो सबसे पहले चिकित्सक से परामर्श लें। चिकित्सक के बताए अनुसार ही महासुदर्शन चूर्ण, चित्रकादी वटी, कैरिका पपाया, अमृतारिष्ट, पुर्नावादी गुग्गुल, संजीवनी वटी लेने से बुखार एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाता है।
बुखार होने पर मरीज को सूपाच्य (जल्दी पचने वाला) भोजन का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। आयुर्वेदिक दवाइयों के एक से दो सप्ताह सेवन करने से डेंगू या विषम ज्वर पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। हल्का भोजन से शरीर की पाचन क्रिया ठीक रहती है। इससे प्लेटलेट्स बढ़ने में मदद मिलती है। - डॉ. विमल कुमार, चिकित्साधिकारी, आयुर्वेद, बिजनौर