सीमांकन सही, समिति में नहीं बनी सहमति
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व के पुनर्सीमांकन को लेकर स्थलीय निरीक्षण दल के अधिकारियों व सदस्यों ने अंतरराज्यीय सीमा का मुआयना कर अभिलेखों का अध्ययन किया। सर्वे आफ इंडिया की रिपोर्ट आने पर गठित कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेजेगी। वन विभाग के अनुसार सीमांकन सही है। लेकिन इस पर समिति के सदस्यों की सहमति नहीं बनी है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के पुनर्सीमांकन को लेकर स्थलीय निरीक्षण दल ने कालागढ़ में अंतरराज्यीय सीमा पर बने पिलर का मौका मुआयना किया। इसके बाद कार्बेट नेचर गाइड प्रशिक्षण केंद्र में दल की बैठक हुई। जिसमें कार्बेट टाइगर रिजर्व के सीमांकन को लेकर अभिलेखों पर चर्चा हुई। मानचित्र देखे गए। स्थलीय निरीक्षण व बैठक में कार्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटि, तहसीलदार विकास अवस्थी, सर्वे आफ इंडिया के अधिकारी अनिल जुयाल, स्थानीय सदस्य शंकर सिंघल, वीएन सिंह यादव व वन विभाग के कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट व रामनगर से तकनीकी टीम मौजूद रही।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अमित ग्वासाकोटि ने बताया कि कार्बेट का सीमांकन वर्तमान में मुद्दा है, इसे चुनौती दी गई है। जिस पर यह कार्रवाई जा रही है। वन विभाग के अनुसार सीमांकन सही है। लेकिन इस पर समिति के सदस्यों की सहमति नहीं बनी है। सर्वे आफ इंडिया के अधिकारियों की रिपोर्ट आने पर इसे शासन को भेजा जाएगा। जनता ने अपना पक्ष रखा है। जनता के हितों को भी सुना गया है।
कालागढ़ से रामनगर तक निरीक्षण किया
सर्वे आफ इंडिया के अधिकारी अनिल जुयाल ने बताया कि कालागढ़ से रामनगर तक अंतरराज्यीय सीमा का निरीक्षण किया गया। वन विभाग के पिलर देखे गए। सर्वे आफ इंडिया के उच्च अधिकारी इस पर विभागीय तकनीक से काम करेंगे। निरीक्षण दल को रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।