-हरिद्वार-काशीपुर हाईवे पर ढाबों के संचालक की पहचान को लेकर संशय बरकरार
-देवी देवताओं के नाम पर चल रहे तमाम ढाबे, संचालकों से लोग अनजान
-कुछ दिन पहले पुलिस प्रशासन की ओर दी जा चुकी है हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावली/कोतवाली देहात। हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे जिले में प्रमुख कांवड़ मार्ग है। जिस पर ढाबों के संचालकों की पहचान को लेकर संशय बना हुआ है। क्योंकि तमाम ढाबा को देवी देवताओं नाम पर चलाया जा रहा है। हिंदूवादी संगठन ऐसे ढाबों पर संचालकों के नाम लिखने की मांग उठा चुके हैं। पिछले दिनों पुलिस प्रशासन की ओर से संचालक का नाम प्रदर्शित करने के लिए ढाबा संचालकों को हिदायत दी जा चुकी है।
जिले की सीमा में भागूवाला से लेकर मंडावली और नजीबाबाद से धामपुर के बीच दर्जनभर से अधिक ढाबे चल चले हैं। ढाबों पर उनके स्वामियों के नाम लिखवाने के लिए हिंदू संगठनों ने मांग की थी। कुछ ढाबा स्वामियों ने नाम लिखवा लिए हैं। खुफिया विभाग द्वारा भी मामले की जांच की गई थी। कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत देवी देवताओं के नाम वाले ढाबों के स्वामी दूसरे समुदाय का होने का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन द्वारा सौरभ काकरान के नेतृत्व में संचालकों का नाम लिखवाने की मांग की गई थी। इसके बाद कुछ ढाबा संचालकों ने नाम लिखवा दिए हैं जबकि कुछ ढाबों पर अभी नाम नहीं लिखे गए हैं।
सौरभ काकरान ने बताया कि सभी ढाबा स्वामी प्रोपराइटर का नाम लिखवाया जाए जिससे कांवड़ियों को समस्या का सामना न करना पड़े। सौरभ काकरान ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि देवी देवताओं के नाम पर संचालित ढाबों के संचालक दूसरे संप्रदाय के हैं। ऐसे में सभी अपने ढाबों पर प्रोपराइटर का नाम जरूर लिखें।
कुछ ढाबा संचालकों ने स्वेच्छा से अपने नाम की पहचान उजागर कर दी है। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी आदेश की जानकारी नहीं है। आदेश मिलते ही कार्रवाई कराई जाएगी।
....अभिषेक झा, एसपी