- दामाद ने अक्टूबर 2023 को नजीबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी अपहरण-मारपीट की रिपोर्ट
- जेल जाने पर गुस्साए दरोगा के परिजनों ने अधिवक्ता के संग की मारपीट
- हमले के विरोध में अधिवक्ताओं ने दरोगा के परिजनों को दौड़ा कर पीटा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। दामाद की ओर से दर्ज कराए गए अपहरण के मामले में जमानत कराने आए दिल्ली पुलिस के दरोगा मोहम्मद इरफान को कोर्ट ने जेल भेज दिया। जमानत नहीं मिलने पर उसके परिवार वालों ने रिपोर्टकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता आदिल के साथ कोर्ट के बाहर मारपीट की। इस पर जजी में हंगामा हो गया। बाद में अधिवक्ताओं ने दरोगा के परिजनों को दौड़ा-दौड़ा का पीटा। मामले में दरोगा की जमानत याचिका पर सुनवाई की तिथि 15 जुलाई नियत की है।
दिल्ली की श्री राम कॉलोनी निवासी रिपोर्टकर्ता एहतेशाम का निकाह आरोपी दरोगा मोहम्मद इरफान की पुत्री अरशाना से हुआ है। नजीबाबाद में हुई मारपीट और अपहरण की रिपोर्ट अक्टूबर 2023 को नजीबाबाद थाने में दर्ज कराई गई थी। इस मामले में आरोपी दरोगा मोहम्मद इरफान ने मंगलवार को सीजेएम न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
सीजेएम नरेंद्र कुमार ने गंभीर अपराध में दरोगा की भूमिका को देखते हुए उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी। इसके बाद दरोगा इरफान की ओर से उसके अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया।
इसकी सुनवाई के दौरान दरोगा को अंतरिम जमानत पर छोड़े जाने की प्रार्थना की गई। यह मामला सुनवाई के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव की समक्ष पेश हुआ। रिपोर्ट कर्ता एहतेशाम की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद आदिल ने दरोगा को अंतरिम जमानत पर छोड़ने का विरोध किया। इस पर कोर्ट ने अंतरिम जमानत नहीं दी।
इसके बाद अधिवक्ता आदिल निवासी उमरी कोर्ट से बाहर आए तो दरोगा की बेटी और बेटों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसका पता चलते ही जजी में हंगामा मच गया। भारी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए। उन्होंने जिला बार हाल के पास तीनों हमलावरों की जमकर धुनाई की। जिला बार अध्यक्ष एसके बबली ने कहा कि जजी न्याय का मंदिर है। जनपद न्यायालय में इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
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13 घंटे बंधक बनाकर दी गईं थी यातनाएं
एहतेशाम ने अक्टूबर 2023 को इस संंबंध में नजीबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। दिल्ली की श्री राम कॉलोनी निवासी एहतेशाम ने दरोगा मोहम्मद इरफान पर पुत्री अरशाना से तलाक दिलाने के लिए डराने धमकाने, 40 लाख रुपये मांगने और 13 घंटे बंधक बनाकर यातना देने का भी आरोप लगाया था। अक्टूबर 2023 को नजीबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दिल्ली की श्री राम कॉलोनी निवासी एहतेशाम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह जुलाई 2023 से बेंगलुरु में नौकरी कर रहा था। वह 30 सितंबर 2023 को अपने रिश्ते के दादा मरगूब आलम निवासी नजीबाबाद के यहां आया था। उसके माता-पिता भी नजीबाबाद आए हुए थे। अक्टूबर 2023 में दिल्ली पुलिस का दरोगा मोहम्मद इरफान अपने दो पुत्रों इमरान, फुरकान तथा अन्य परिजनों के साथ लाठी डंडा लेकर आए और जबरन घर का दरवाजा खुलवाया। उनके साथ नजीबाबाद के दो पुलिसकर्मी भी थे।
दरोगा मोहम्मद इरफान ने दिल्ली के खजूरी थाने में मुकदमा दर्ज होने की बात कह कर उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में डाल लिया। उसने अपने को भी खजूरी थाने में तैनात दरोगा बता कर अपनी आमद भी नजीबाबाद थाने में दर्ज कराई जबकि वह खजूरी खाने में तैनात नहीं था। रास्ते में जंगल में गाड़ी रोककर उसे गोली मार कर जान से मारने की धमकी दी गई।
दरोगा ने अपनी पुत्री को तलाक दिलाने के लिए उसे डराया धमकाया। उससे 40 लाख रुपये मांगे गए 13 घंटे बंधक बनाकर उसे यातना दी गई। खजूरी थाने में उसकी गुमशुदगी मोहम्मद इरफान ने ही दर्ज करा रखी थी, जिससे उसके साथ अप्रिय घटना की जा सके। मामले में बिजनौर एसपी के आदेश पर थाना नजीबाबाद में दरोगा इरफान एवं उसके परिजनों के विरुद्ध अपहरण, धोखाधड़ी व मारपीट मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था।