2015 में पूजा और उसकी मां आयशा की हत्या को कोर्ट ने माना निर्दयतापूर्वक क्रूर और पाशविक तरीके से किया गया दोहरा हत्याकांड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राम अवतार यादव ने आयशा और उसकी बेटी पूजा की क्रूरतापूर्वक दिनदहाड़े हत्या करने के दोषी अमजद को फांसी की सजा सुनाई है। अमजद मृतका आयशा के दूसरे पति मुस्तकीम का भांजा है। पूजा को फोन कर परेशान करने से मना किए जाने से अमजद ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार गांव अलीपुरा निवासी मुस्तकीम के बेटे सलमान ने थाना नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि अमजद निवासी मंडावली ने उसकी बहन पूजा को फोन करके परेशान करता था। जिसपर मुस्तकीम ने अमजद और उसके पिता जकरीया को बुलाकर भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने के लिए कहा था। इसके तीन-चार दिन बाद 20 जून 2015 को दोपहर दो बजे सलमान अपनी मां आयशा व बहन पूजा को लेकर मोटरसाइकिल पर तहसील से गांव अलीपुरा जा रहा था। रास्ते में हरिद्वार रोड से गांव की तरफ मुड़ने पर इमरान की ब्रेकरी के सामने अमजद ने मोटरसाइकिल रोकी और आयशा से कहा कि तुम मेरे और पूजा के बीच दीवार बन रही हो। आज मैं तुम दोनों मां-बेटी को ही खत्म कर देता हूं और आयशा (45) और पूजा(22) को छुरी से गोद-गोदकर हत्या कर दी। सलमान को भी मारने के लिए छुरा लेकर उसके पीछे दौड़ा। शोर मचाने पर काफी लोग आए तो सलमान को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। आयशा के शरीर में 10 और पूजा के शरीर पर चाकुओं के नौ घाव थे। अमजद को खून से सने छुरे के साथ गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने इस दोहरे हत्याकांड को निर्दयतापूर्वक क्रूर और पाशविक तरीके से सोच-विचार कर मां-बेटी को छुरे से चोट पहुंचाई, जिससे मां-बेटी ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा होगा। यह मामला विरलतम अपराध की श्रेणी में आता है। अमजद किसी सहानुभूति का पात्र नहीं है। वह मृत्युदंड का पात्र है। मां-बेटी की हत्या में अमजद को फांसी की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 307 आईपीसी में 10 साल कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना, 506 आईपीसी में पांच साल कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माना व धारा 4/25 आर्म्स एक्ट में तीन साल के कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
आयशा ने की थी दूसरी शादी, आरोपी था पति का भांजा
आयशा ने दूसरे समुदाय के मुस्तकीम से शादी की थी। पूजा उसके पहले पति की बेटी थी। मां-बेटी का हत्यारा अमजद मुस्तकीम का सगा भांजा था। अमजद अक्सर फोन करके पूजा को परेशान करता था। कई बार पूजा की मां आयशा, सौतेले पिता मुस्तकीम और भाई ने अमजद को ऐसा नहीं करने को कहा। मगर, अमजद अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और बार-बार टोका-टाकी पर उसने मां-बेटी की हत्या कर दी।