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सिर पर पेराई सत्र, नहीं सुधरी गन्ना विभाग की सड़कों की हालत

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सिर पर पेराई सत्र, नहीं सुधरी सड़कों की हालत
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बिजनौर। पेराई सत्र चालू होने वाला है, गन्ना पर्चियां भी जारी कर दी गई हैं लेकिन गन्ना विभाग की सड़कों की हालत नहीं सुधर सकी है। ऐसे में गड्ढों में तब्दील सड़कों से ही किसान गन्ने की ढुलाई करने को मजबूर होंगे। हालांकि गन्ना विभाग सबसे खराब हालत वाली 295 सड़कों को लोक निर्माण विभाग को सौंपने का दावा कर रहा है। इन सड़कों को छोड़ भी दें तो बाकी सड़कों की भी सुध नहीं ली गई।
चीनी मिल या गन्ना क्रय केंद्र तक किसान आसानी से गन्ना लेकर पहुंच सके, इसके लिए गन्ना विभाग की ओर से सड़कों का निर्माण कराया जाता था। गन्ना विकास परिषद सड़कों का निर्माण ही नहीं बल्कि मरम्मत भी कराती रहीं हैं। अब जिले में नौ गन्ना विकास परिषद हैं। दो साल पहले तक इनकी ओर से सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराई जाती रही।
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इसी बीच गन्ना विभाग की नीतियों में फेरबदल हुआ तो सड़कों के रखरखाव को ही किनारे कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दो सालों से सड़कों के निर्माण और मरम्मत को कोई बजट नहीं मिल पाया है। ऐसे में सड़कों की हालत क्या हो गई होगी, यह तो उन सड़कों से गुजरने वाले ही जान सकते हैं।
अब पेराई सत्र शुरू होने वाला है, अगले कुछ दिनों में ही चीनी मिलें चालू हो जाएंगी। इसी बीच सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। गन्ना विभाग की कुछ सड़कें तो बदहाल हालत में हैं। ऐसे में गड्ढों वाली सड़क से किसान गन्ना ढोने को मजबूर होंगे। अब इन सड़कों की कोई दूसरा विभाग भी मरम्मत कराने वाला नहीं है।
सड़कों के विकास पर खर्च होता था 20 प्रतिशत
चीनी मिलों की ओर से गन्ना समितियों को प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाता है। इस कमीशन का बीस प्रतिशत पैसा सड़कों के निर्माण या मरम्मत पर खर्च किया जाता रहा है। सूत्रों की मानें तो सड़कों के विकास पर खर्च किया जाने वाला यह पैसा गन्ना विभाग ने दूसरे मद में खर्च करना शुरू कर दिया है।
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वर्जन...
गन्ना विभाग की ओर से 295 सड़कों की सूची सौंपी गई थी, लेकिन इन सड़कों को हम नहीं ले पाएंगे। शासन स्तर से कोई आदेश आएगा तभी संभव हो सकेगा। हमारे नियम में ही नहीं है कि दूसरे विभाग की सड़कों के गड्ढों को भर दिए जाए। लोक निर्माण विभाग की ही काफी सड़कें हैं।
- शादाव राव खान, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
सड़कों की मरम्मत के लिए जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
-पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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