- बीते 16 साल बिना किरायानामा किरायेदारों से किराया वसूल रहा था पालिका प्रशासन
- लापरवाही पर टूटी अफसरों की नींद तो सुना दिया दुकानों के नए आवंटन का फरमान
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा। नगर पालिका प्रशासन की बड़ी चूक ने शहर के सैकड़ों दुकानदारों की नींद उड़ा दी है। नगर पालिका की 114 दुकानों में बीते 16 साल से बिना किरायानामा काबिज किरायेदारों को अब खुद की बेदखली का डर सता रहा है। पुराने किरायेदारों के साथ अपने करार को आगे बढ़ाने में चूके पालिका प्रशासन ने अब दुकानों के नए आवंटन का ऐलान कर दिया है। फिलहाल एकजुट हुए दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया है।
इसे नगर पालिका की लापरवाही कहें या पालिका की संपत्ति के प्रति उदासीनता कि स्टेशन रोड स्थित 114 दुकानों का एग्रीमेंट को समाप्त हुए 16 साल बाद नगर पालिका को अपनी सम्पत्ति की याद आई है। पालिका प्रशासन द्वारा अब सभी दुकानों की आठ अगस्त को नीलामी होनी है। नगर पालिका के अनुसार स्टेशन रोड स्थित सभी दुकानों का वर्ष 2008 में एग्रीमेंट खत्म हो चुका था।
इसके बाद से उन दुकानों का पुनः एग्रीमेंट नहीं हुआ था। नगर पालिका ने सभी दुकानों की नीलामी के लिए जैसे की आठ अगस्त का समय निर्धारित किया तो दुकानदारों में हड़कंप मच गया। सभी दुकानदार एकत्र होकर नगर पालिका पहुंचे और ईओ बिजेन्द्र सिंह पाल से दुकानों की नीलामी न करा कर उन्हीं दुकानदारों को दुकानें आवंटित करने की मांग की।
दुकानदारों का कहना है कि अगर नीलामी की प्रक्रिया हुई तो अधिकतर दुकानदार बेरोजगार हो जाएगे। इसलिए कब्ज़ाधारक दुकानदार को ही प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज भटनागर, सभासद श्वेत रस्तोगी, विनोद तोमर, मुकेश माहेश्वरी, डा. अभयवीर सिंह ढाका, पूर्व चेयरमेन किसान सहकारी समिति मितुल चौधरी, एड. अनुराग भटनागर, बिटटू रस्तोगी, बूब सलमानी आदि मौजूद रहे।
अधिकतर दुकानों पर है अवैध कब्जा, बना लिए मकान
स्टेशन रोड स्थित अधिकतर दुकानों पर अवैध कब्जा है। दुकान किसी ओर के नाम आवंटित थी मगर अब किसी ओर व्यक्ति का कब्जा है। अधिकतर दुकानों को बिना नगर पालिका की स्वीकृति व संज्ञान के अवैध रूप से बेच दिया है व दुकानों का विस्तार व आवास का रूप भी दिया गया है । एक एक व्यक्ति के नाम पर कई कई दुकानें आवंटित हैं, जिन्होंने अपनी हठधर्मिता से दुकान के ऊपर दुकान व आवास तक बना रखे हैं।
मरने के कई वर्ष बाद पालिका से कटती है किराये की रशीद
कई एग्रीमेंट धारक की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी हैं। मगर, ऐसे एग्रीमेंट धारक नगर पालिका के रिकॉर्ड में आज भी जिन्दा हैं। जी हां आज भी उनके न होने के बाद भी अभी तक उसी के नाम से किराये की रशीद कटती चली आ रही थी ।
पालिका की दुकानों की नीलामी में उन सभी दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके नाम पर पहले एग्रीमेंट हो चुका है। जिन दुकानों पर अवैध कब्जा है उनको कब्ज़ामुक्त कर नए सिरे से आवंटन किया जाएगा। दुकानों का आवंटन शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। - बिजेन्द्र सिंह पाल, ईओ