बिजनौर में छात्र वासु के जन्मदिन की खुशियां मनाए एक सप्ताह ही बीता था कि परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। 24 दिन बाद भी अगवा छात्र को पुलिस-प्रशासन बरामद करने में नाकाम है। एसपी से लेकर सीओ के दफ्तर तक दस्तक देकर थक हार चुके वासु के पिता सुनील कुमार को केवल अब भगवान पर ही भरोसा है। छात्र की मां पुष्पा सदमे में हैं। वह केवल एलबम में बच्चे के तस्वीर को देखकर फूट-फूट कर रो पड़ती हैं। रोए भी क्यों न परिवार के लोग। घर के चिराग के बिना आंगन सूना है। उसकी मां का प्रशासन से केवल यही सवाल है कि आखिर मेरा लाल कहां है और कब लौटेगा। आखिर मेरे परिवार को किसकी नजर लग गई।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर बकली निवासी सुनील कुमार का 12 साल का पुत्र वासु एएन इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा छह का छात्र है। छात्र के पिता सुनील कुमार शहर में डॉ, कपिल शर्मा के यहां काम करते हैं। किसी तरह बच्चों की पढ़ाई अच्छी तरह से हो इस पर उनका पूरा ध्यान है। तीनों बेटियां उनकी राजकीय इंटर क़ॉलेज में पढ़ती हैं। परिवार की माली हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। उसके पिता ने बताया कि परिवार में तीन बेटियां हैं और एक यही घर का चिराग है। उसका सात जुलाई को जन्मदिन था। बच्चा पढ़ने में काफी होशियार है। उसके पिता ने मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि 14 जुलाई को ई-रिक्शा से स्कूल से लौटते वक्त बाइक सवार एक व्यक्ति ने वासु का अपहरण कर लिया। छात्र के अपहरण का कारण अभी तक पुलिस नहीं सुलझा सकी। यह भी नहीं कहा जा सकता कि फिरौती के लिए बच्चे को अगवा किया गया।
वासु को बरामद करने के लिए पुलिस ने कई जिलों में डेरा डाला। पुलिस की पांच टीम वासु को बरामद करने में लगी थीं। कई लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। पुलिस ने ई-रिक्शा चालक महबूब को हिरासत में ले रखा है। इसके बावजूद वासु का कोई क्लू नहीं मिल रहा। छात्र के पिता का इस मामले में ई-रिक्शा चालक पर शक है। उनका कहना है कि बच्चे को इस तरह किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपना सरासर गलत है। शहर कोतवाल राजवीर सिंह के मुताबिक पुलिस की टीम वासु को बरामद करने में लगी है। वासु का अभी कोई क्लू नहीं मिला है। पुलिस हरसंभव प्रयास में जुटी है।