किरतपुर में मोहल्ला कोटला में छह दिन पहले दो भाइयों के पीटने से घायल हुए मोहल्ले के ही दूसरे समुदाय के बाग ठेकेदार की शनिवार तड़के मेरठ में उपचार के दौरान हुई मौत हो गई। मौत की सूचना पर पुलिस ने सुबह से ही मोहल्ले में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई। कुछ लोगों ने मृतक के समुदाय के हुजूम को समझाकर शांत कर दिया। मृतक का शव अपराह्न तीन बजे आने पर पुलिस बल के साथ शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। मोहल्ले में अभी भी पुलिस बल मौजूद है।
रविवार दोपहर मोहल्ला कोटला का वाजिद पुत्र अब्दुल मजीद (40) मोहल्ले के पास आम के बाग की ट्रैक्टर से जुताई करा रहा था। इस दौरान मोहल्ले के ही दूसरे समुदाय के दो सगे भाई अनिल और अमर सिंह ने बाग ठेकेदार को जुताई रोकने का प्रयास किया पर वाजिद ने उनका विरोध किया तो दो भाइयों ने लाठी-डंडों से उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। पता चलने पर उसके परिजनों ने उसे थाने लाकर आरोपियों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसे इलाज के लिए चिकित्सकों ने उसे बिजनौर भेज दिया।
वहां से उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। वाजिद की हालत गंभीर होने की सूचना जैसी ही उसके परिजनों को लगी तो कोहराम मच गया। आरोपियों से बदला लेने के लिए उनके घर पर सैकड़ों लोग चढ़ गए, लेकिन कुछ लोगों के समझाने पर पीड़ित पक्ष शांत हुए। पुलिस को जैसी ही इसकी सूचना मिली तो थाना प्रभारी बीएम सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मुख्य आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने ऐहतियात के तौर पर पुलिस व पीएसी तैनात कर दी। वहीं शनिवार की तड़के वाजिद की मौत हो जाने पर उसके समुदाय के लोग सुबह से ही उसके घर पर एकत्र होना शुरू हो गए। दोनों समुदाय में संघर्ष को देखते हुए थाना प्रभारी ने मोहल्ले में शांति व्यवस्था बनाने के लिए आसपास के थानों की पुलिस व पीएसी को तैनात कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम वीके श्रीवास्तव, तहसीलदार राशिद अली खां, एसपी देहात, सीओ संजय राय आदि उपस्थित रहे।
भारी सुरक्षा के बीच उसके शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में अतहर यार खां, शाहिद अली खां, अब्दुल जब्बार मकरानी, शेख मौ. जाहिद, रईस खां, उब्दुर्रहमान, इब्राहिम, यामीन ठेकेदार, आदि रहे।