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दो लुटेरे दबोचे, कार बरामद

Fri, 19 May 2017 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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पकड़े गए कार लुटेरे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पुलिस ने हल्दौर क्षेत्र से फर्जी आईडी पर बुक कराकर कार लूटने वाले दोनों बदमाशों को 48 घंटे के भीतर कार के साथ दबोच लिया। गिरफ्तार बदमाश प्रदीप कुमार चौहान निवासी नवादा नहटौर और और बलजीत निवासी नकीबपुर धामपुर हैं।
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हल्दौर पुलिस ने कूंडा नहर की पुलिया के पास से बुधवार रात मुठभेड़ के दौरान लूटी गई टोयटा इटिओस के साथ दबोच लिया। बदमाशों दो तमंचे, कार स्वामी से लूटे गए दो मोबाइल और दो हजार रुपये नकद मिले।

एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि मुरादाबाद के पसियापुरा थाना भरतपुर निवासी अजीत सिंह 15 मई को मुरादाबाद के अतिथि होटल से ट्रांसपोर्टर के माध्यम से कार को नजीबाबाद के लिए बुक करके चला था।
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गांव नकीबपुर निवासी नजरुद्दीन व गौतमबुद्धनगर की भाटी कॉलोनी निवासी अमित कुमार की आईडी की छायाप्रति कार बुक कराने के दौरान जमा की गई थी। प्रदीप व बलजीत कार स्वामी अजित को झालू के पास नहर पर ले गए। यहां उसे उतारकर वे कार, दो मोबाइल, पांच हजार की नकदी लूटकर ले गए थे। हल्दौर पुलिस के साथ स्वाट व सर्विलांस टीम ने मुरादाबाद केे अतिथि होटल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली और होटल का रिकॉर्ड चैक किया।

अजित से सीसीटीवी कैमरे में कैद दोनों व्यक्तियों की पहचान कराई गई। नजरुद्दीन व अमित कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उनकी आईडी बहुत पहले खो गई र्है। नजरुददीन ने गांव के बलजीत व अमित ने अपने दोस्त प्रदीप कुमार को अपराधी प्रवृति का बताया। एसपी के मुताबिक आरोपी प्रदीप कुमार एमएससी पास है। उसने वर्ष 2010 में नोएडा में ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में लिपिक के पद पर नौकरी की।

कई युवकों से प्रदीप ने बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए। बैंक से उसे सस्पेंड कर दिया। एसपी के मुताबिक, प्रदीप चौहान ने फेसबुक के जरिए देहरादून निवासी  सेवानिवृत्त मेजर जनरल लालजी देवेंद्र सिंह की दत्तक पुत्री से दोस्ती कर ली। उसने 25 अक्टूबर को गैंग के साथ लालजी को बंधक बनाकर नकदी व जेवर लूट लिए थे।

देहरादून जेल में प्रदीप की मुलाकात नहटौर थाने के नकीबपुर निवासी बलजीत से हुई। रंगदारी मांगने में बंद बलजीत की 22 नंवबर 2016 को जमानत हो गई। तीन मई 2017 को प्रदीप भी बाहर आ गया। प्रदीप दिल्ली चला गया। मोबाइल पर उसने बलजीत से संपर्क किया। एसपी ने गैंग को दबोचने वाली टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

फ्लिपकार्ट की लेना चाहता था एजेंसी
प्रदीप ने पुलिस को बताया कि वह फ्लिपकार्ट की 50 हजार रुपये  की एजेंसी लेकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में कमीशन का काम करना चाहता था। इसके लिए लैपटॉप व  रुपयों की जरूरत थी। उसके पास साथी अमित कुमार का आधार कार्ड था। बलजीत ने नजरुद्दीन की वोटर आईडी चोरी कर ली थी। दोनों ने मिलकर कार लूटने का प्लान बनाया।
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