सटृा लगाने वाले गिरफ्तार सटोरियों के बारे में जानकारी देती पुलिस।
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चांदपुर (बिजनौर) में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैच में किंग्स इलेविन पंजाब और दिल्ली डेयर डेवल्स की टीम पर सट्टा लगाने वाले तीन सटोरियों को गिरफ्तार किया है। सट्टा लगाने वालों के पास से एक एलईडी, एक सैट टॉपबाक्स, रिमोट, एक एडप्टर मय केबिल, आठ मोबाइल फोन, दो सट्टा पर्ची रजिस्टर समेत 17030 रुपये बरामद हुए हैं।
सीओ राजकुमार के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग ट्यूबवेल कॉलेानी में खंडरनुमा मकान में एलईडी लगाकर आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगा रहे हैं। पुलिस ने छापा मारकर चांदपुर के मोहल्ला पतियापाड़ा निवासी रिजवान, अकील और नौशाद को मैच पर सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार कर लिया। तीनों मैच के दौरान बोलकर सट्टा लगा रहे थे। पकड़े गए तीनों लोग आईपीएल क्रिकेट मैच में किंग्स इलेविन पंजाब और दिल्ली डेयर डेवल्स की टीम की हारजीत पर सट्टा लगा रहे थे। मौके से पुलिस को 17030 रुपयों के साथ सट्टा खिलाने का सामान बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए तीनों लोग काफी दिनों से इस कारोबार को कर रहे थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कारोबार से कितने लोग और जुड़े थे। पकड़ा गया रिजवान सट्टा लगाने वाले गैंग का सरगना हैं।
जिले में एक दिन में लगता है 50 करोड़ का सट्टा
बिजनौर। जिले में आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने का काला कारोबार कई साल से पनप रहा है। इस कारोबार से जुड़े कई लोग मालामाल हो चुके हैं। आईपीएल मैच पर सट्टा लगाने का खेल जिले में कई साल से चल रहा है। दिल्ली व अन्य बड़े शहरों में बैठे बड़े लोगों के दम पर जिले में सक्रिय लोग इस सट्टे के काले कारोबार को खुलेआम कर रहे हैं। बिजनौर के अलावा धामपुर, किरतपुर, नगीना, नजीबाबाद, चांदपुर समेत कई शहरों में आईपीएल मैच पर सट्टे का खेल चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक एक दिन में करीब 50 करोड़ का गुपचुप तरीके से सट्टा खेला जा रहा है। इस कारोबार को सरकारी विभाग के अफसर से लेकर कर्मचारी तक कर रहे हैं। एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक सट्टा कारोबारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगा दिया गया है।
नया मोबाइल करते है इस्तेमाल
सट्टे के काले कारोबार से जुड़े लोग हर बार नया मोबाइल नंबर लेकर इस कारोबार को करते हैं। उनके पास कई मोबाइल होते हैं। ये नंबर वह होते हैं जो केवल सट्टा खेलने वालों के पास ही होते हैं। रोजाना इस्तेमाल करने वाले मोबाइल पर सट्टा नहीं खिलाया जाता है। सट्टा खेलने वालों को मैच से पहले ही पैसा जमा करना होता है। हर गेंद पर उनकी नजर होती है। टीबी पर चल रहे मैच से चंद सेकेंड पहले मोबाइल पर चल रहे मैच में हर गेंद का पता चल जाता है। इसका फायदा उठाकर ही सट्टा खेलने वाले धन कमा रहे हैं।