राजा का ताजपुर में कस्बे के एक मोहल्ले में बैठी पंचायत में पंचों ने एक युवती की अस्मत की कीमत दो लाख रुपये लगाई। पंचायत के बाद युवती के परिजनों को थाने जाने से मना कर दिया गया। युवक के परिजनों को शीघ्र ही दो लाख रुपये युवती के परिजनों को देने का फरमान सुनाया गया।
मोहल्ले में पंचायत एक युवती के गर्भवती होने के बाद शनिवार को बैठी थी। उक्त युवती के मोहल्ले के ही एक युवक से करीब दो वर्ष से प्रेम संबंध थे। युवती के गर्भवती होने का पता लगने पर परिजनों ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पड़ोसी युवक का नाम बता दिया। इसके बाद युवती के परिजनों ने उक्त युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। इस मामले को लेकर शाम को बिरादरी की पंचायत बैठी। इसमें युवती के परिजनों ने युवक से अपनी जमीन का बैनामा युवती के नाम कराने की मांग रखी। पंचों ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद युवक पक्ष को युवती की शादी करने के लिए दो लाख रुपये देने का फरमान सुनाया। पंचों के फैसले को युवक ने मंजूर कर लिया। पंचायत में इस मामले की शिकायत पुलिस से नहीं करने की बात भी तय की गई। मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, प्रभारी निरीक्षक आर आर कठेरिया ने मामले से अनभिज्ञता जताई है।
प्रेमी के घर पहुंच रखा शादी का प्रस्ताव
नगीना में एक प्रेमिका ने शादी का प्रस्ताव लेकर खुद प्रेमी के घर पहुंच गई। प्रेेमी के परिजनों के इंकार करने पर प्रेमिका ने जमकर हंगामा किया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। परिजनों ने युवती को शहर से बाहर रिश्तेदारी में भेज दिया है, जबकि युवक को परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी नाथूराम पवार ने बताया कि एक मोहल्ले की युवती ने 100 नंबर पर सूचना दी कि दूसरे मोहल्ले में रहने वाले युवक से उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा है। युवक के परिजन शादी करने को राजी नहीं हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर युवती को प्रेमी के घर से महिला पुलिस के सहयोग से थाने ले आई। इसके बाद युवती के परिजनों को बुला लिया। बाद में युवक व उसके परिजनों को भी थाने बुलाया। प्रेमी और प्रेमिका एक ही समुदाय के होने के कारण दोनों के परिजनों के साथ घंटों वार्ता कर समझाने की कोशिश की गई। रविवार की सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने युवती को मनाकर उसके परिजनों के साथ भेज दिया। परिजनों ने युवती को शहर से बाहर रिश्तेदारी में भेज दिया। पुलिस ने युवक को भी परिजनों को चेतावनी देकर सौंप दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से कोई कार्रवाई की तहरीर नहीं दिए जाने के कारण मामला शांत हो गया।