कोतवाली देहात में गांव गारवपुर में बूढ़े बाबा के देवस्थान पर लाउडस्पीकर उतारने से पनपा विवाद कम नहीं हो रहा है। एक पक्ष ने इंसाफ नहीं मिलने पर 35 घरों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’, लिखकर गांव से पलायन करने की चेतावनी दी है। इसे लेकर गांव में हलचल मची हुई हैं।
गांव गारवपुर में बूढ़े बाबा के देव स्थल पर लगे लाउडस्पीकर को उतारने से गांव में कई दिनों से विवाद चला आ रहा है। इसे लेकर गांव में तनाव है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। एसडीएम गजेंद्र सिंह व सीओ नगीना महेश कुमार के साथ मंगलवार को समस्या के निदान के लिए दोनों संप्रदाय की बैठक बुलाई थी।
बैठक में दोनों पक्षों के लोगों को लेकर समिति का गठन किया था। तीन मई तक विवाद निपटाने के लिए रास्ता निकालने का समय दिया था, पर दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बनी। एक पक्ष का कहना है गांव में धर्मस्थल पर बिना अनुमति के लगे लाउडस्पीकर को भी उतरवाया जाए।
इस बात से नाराज रामकुमार, पूरन सिंह, अजय पाल सिहं, मान सिंह, मोहित कुमार, वीरेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, विपिन कुमार, गौरव, विजयपाल सिंह, केहर सिंह, अंकित कुमार, सोनू कुमार, हरपाल सिंह, धूम सिंह, देवेंद्र सिंह, अरविंद कुमार समेत 35 परिवारों ने अपने घरों पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखवकार गांव से पलायन करने की चेतावनी दी है।
अफसरों ने ग्रामवासियों से कह दिया है कि धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति के लिए उन्हें कमिश्नर मुरादाबाद के यहां आवेदन करना होगा।
वहीं थानाध्यक्ष पंकज तोमर ने कई घरों पर मकान बिकाऊ है ,लिखे जाने की जानकारी से होने से इंकार किया हैं। एसडीएम नगीना गजेंद्रर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कोई नई परंपरा लागू नहीं होने दी जाएगी।