धामपुर। पति-पत्नी में तकरार के चलते उपजे विवाद पर पुलिस ने रविवार को जमकर तांडव किया। विवाहिता के परिजनों के साथ पति के घर पहुंची पुलिस ने उसके भाई और गर्भवती भाभी से मारपीट की।
विरोध करने पर घर में तोड़फोड़ कर डाली। पीड़ित परिवार ने कोतवाल को तहरीर देकर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सर्राफा बाजार निवासी महेश वर्मा के बेटे की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनके बेटे सचिन व पुत्रवधू गीता के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा है।
जिस कारण विवाहिता मायके चली गई। विवाहिता के परिजनों ने सचिन के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करा दिया। कोर्ट ने पुलिस को पति पत्नी में समझौता कराने के आदेश दिए, लेकिन घूस खाने के बाद पुलिस पति पत्नी में समझौता कराने के बजाए विवाहिता की पुत्री औशी को लेने उसकी ससुराल पहुंच गई।
पुलिस को जब पति व बेटी नहीं मिले तो उन्होंने तोड़फोड़ करने शुरू कर दी। घर पर मौजूद सचिन की गर्भवती भाभी नेहा और पति नितिन ने जब विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें भी नहीं बख्शा।
नितिन को पीटते हुए कोतवाली लाने लगी। जब नेहा ने विरोध किया तो पुलिस ने उसे धक्का दे दिया, जिससे वह बेहोश गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां उसकी हालत नाजुक बनी है। घायल महिला के पति सचिन ने एसपी से मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उधर, कोतवाल रवींद्र सिंह का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार है। पुलिस ने कोई तोड़फोड़ और मारपीट नहीं की। उधर, सीओ अशोक यादव का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। मामले की जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।