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पुलिसकर्मियों पर ही इनामी बदमाश की मदद का शक

Wed, 10 Jan 2018 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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कोर्ट में सरेंडर करने के बाद जेल जाते इनामी बदमाश आदित्य और रोहित। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य और उसके साथी रोहित के लिए पुलिस ही सुरक्षा कवच बनी हुई थी। कई पुलिसकर्मियों पर उसकी मदद करने का शक है। ये ही वजह रही कि अब तक आदित्य न तो मुठभेड़ में मारा गया और न ही पुलिस के हत्थे चढ़ा। पुलिस अधिकारियों को भी इसकी पुख्ता जानकारी थी, तभी आदित्य की लोकेशन जानने के लिए एसपी प्रभाकर चौधरी ने खुद सर्विलांस की कमान अपने हाथों मेें ले रखी थी। आदित्य पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। प्रतिदिन डीजीपी से लेकर अन्य आला अफसर आदित्य के नहीं पकड़े जाने पर जिले के अफसरों के पेच कसते थे। पुलिस अधिकारियों को मुखबिर ने सूचना दी कि 10 अक्टूबर को आदित्य अपने गैंग के साथ नगीना थाना क्षेत्र में बाइक लूट की घटना को अंजाम देने वाला है। पुलिस टीम चौकस हो गई, लेकिन फिर भी आदित्य, गांव चंचलपुर निवासी विशाल, रोहित ने बढ़ापुर थाने के गांव भगवानपुर निवासी आबिद की बाइक लूट ली। रोहित और आदित्य उसी लूटी गई बाइक को लेकर भाग गए। विशाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अफसरों को सूचना मिली कि पुलिस की टीम ने ही आदित्य और रोहित को भगाया था। जब तीनों साथ थे तो अकेला विशाल ही क्यों पकड़ा गया हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो आदित्य से पुलिस वाले मिले हुए थे, वे ही आदित्य को बचाने के लिए पुलिस की लोकेशन व प्लान लीक करते थे। अफसरों को शक है कि आदित्य की बिरादरी के पुलिस वाले उसे बचाने के लिए खेल कर रहे थे। ये पुलिस वाले नहीं चाहते थे कि आदित्य मुठभेड़ में मारा जाए या पकड़ा जाए। पुलिस के आला अफसरों ने आजमाने के लिए कई बार आदित्य को दबोचने के लिए गुप्त प्लान बनाया पर ये प्लान भी लीक होकर आदित्य तक पहुंच गया। तब जाकर अफसरों के कान खडे़ हुए। यह देख कर एसपी प्रभाकर चौधरी ने सर्विलांस की कमान अपने हाथों में ले ली थी। आदित्य की लोकेशन का वे पता लगाते रहते थे। इसके बाद भी आदित्य नहीं पकड़ा गया। अब आदित्य के पकड़े जाने के बाद ये राजफाश होने वाला है कि कौन पुलिस वाले उससे मिले हुए थे। नेता भी पुलिस के चक्रव्यूह से बचाते थे आदित्य को पुलिस के साथ सत्ता दल के कुछ नेताओं का भी आदित्य को संरक्षण मिला हुआ था। ये नेता भी आदित्य को बचाने का खेल खेल रहे थे। पुलिस के चक्रव्यूह में फंसने से कई बार इन नेताओं ने ही आदित्य को बचाया। अफसरों के बिना पुलिस पर आदित्य को बचाने के लिए ये नेता गुपचुप तरीकों से दबाव डालते थे। तब ही तो आदित्य बचा घूम रहा था। फंस सकती है पुलिस की गर्दन आदित्य व उसके साथी रोहित के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद कई पुलिस वालों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। अफसरों के निशाने पर एसओजी, सर्विलांस, स्वाट टीम आ गई है। अफसरों को शक है कि आदित्य और रोहित को कोर्ट में सरेंडर कराने में इन टीमों का भी हाथ हो सकता है। इन टीमों को पहले से ही अफसर शक की नजर से देख रहे हैं। अब यह तस्वीर साफ हो सकती है कि पुलिस की किस टीम से आदित्य गैंग की मिलीभगत थी। पैर में चोट की वजह से चल नहीं पा रहा था आदित्य इनामी बदमाश आदित्य सरेंडर करने के दौरान पूरी तरह से चल भी नहीं पा रहा था। पैदल चलने के लिए वह अपने साथी रोहित के कंधे का सहारा ले रहा था। आदित्य के दाहिने पैर में चोट लगी है। इसकी वजह से वह चल नहीं पा रहा था। पुलिस की माने तो उसके पैर में फैक्चर था। पुलिस की दबिश के चलते कही से कूदने पर आदित्य के पैर में यह चोट आई होगी। आदित्य का कहना है कि पैर में फोड़ा निकला होने के कारण वह चल नहीं पा रहा। आदित्य ने कहा, आई लव यू मीडिया सरेंडर करने के बाद आदित्य के चेहरे पर रौनक दिखाई दे रही थी। वह खुलकर बोल रहा था। कोर्ट में सरेंडर के दौरान आदित्य ने मीडिया कर जमकर तारीफ की। उसने कहा कि वह मीडिया का कायल है, क्योंकि मीडिया ने उसकी तारीफ भी छापी है। आदित्य ने कहा कि आई लव यू मीडिया और हंसते हुए चला गया। आदित्य की पुलिस से मिली भगत की होगी जांच : एसपी एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक आदित्य से पुलिस की मिली भगत की वह जांच कराएंगे। जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अभी वह बाहर हैं, लौटने पर जांच कराएंगे। आदित्य के मामले में पुलिस शक दायरे में है।
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