पुलिस लाइन में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते डीआईजी ओंकार सिंह।
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बिजनौर में डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह के निर्देश पर छह माह से ज्यादा समय ये विवेचना को दबाए बैठने पर एक दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। डीआईजी ने कहा कि छह माह से लंबित पड़ी विवेचना का या तो विवेचक तुरंत निस्तारण कर लें वरना विवेचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को डीआईजी पुलिस लाइन में विवेचनाओं की समीक्षा कर रहे थे। डीआईजी के निशाने पर वह समीक्षा थी जो छह माह से लंबित हैं। छह माह से ज्यादा समय से लंबित पड़ी विवेचनाओं के विवेचकों को ही बैठक में बुलाया गया था। समीक्षा के दौरान डीआईजी ने पाया कि गंज चौकी पर तैनात दरोगा संजय यादव धोखाधड़ी के एक मामले की विवेचना को छह माह से ज्यादा समय से लटकाए हैं।
दरोगा को यह भी नहीं मालूम की विवेचना की केस डायरी कहां है। विवेचना में अब तक क्या हुआ है। डीआईजी ने दरोगा संजय यादव के खिलाफ कार्रवाई करने के एसपी को निर्देश दिए। इसके बाद दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। डीआईजी ने छह माह से ज्यादा समय से रुकी पड़ी विवेचनाओं के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। डीआईजी ने कहा कि कोई भी विवेचना लंबित नहीं रहनी चाहिए।
अफसर विवेचनाओं की समीक्षा समय-समय पर करते रहे। हर विवेचना में त्वरित कार्रवाई हो। बैठक में डीआईजी के अलावा एसपी अजय साहनी, एसपी देहात डा. धर्मवीर सिंह के अलावा सभी सीओ व विवेचक मौजूद रहे।