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तनाव की वजह बन गए थे लाउडस्पीकर

Wed, 13 Dec 2017 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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संत रविदार मंदिर से लाउडस्पीकर को उतारता ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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किरतपुर में जिला प्रशासन ने बुधवार दोपहर ग्राम शाह अलीपुर अब्दुल सत्तार उर्फ मदनपुर में संत रविदास मंदिर एवं नूरानी मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर को हाईकोर्ट के आदेश पर हटवा दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की अनुमति के बगैर बजाए जा रहे लाउडस्पीकर को हटवाकर हाईकोर्ट को सूचित कर दिया गया है। 
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गांव में करीब दो वर्ष पहले संत रविदास विकास समिति की ओर से रविदास मंदिर पर लाउडस्पीकर बजाना शुरू करने पर मुस्लिम समुदाय ने ऐतराज किया था। कई दिनों तक इस विवाद को लेकर गांव में सांप्रदायिक तनाव बना रहा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। समझौते के अनुसार सुबह की नमाज के बाद और शाम की नमाज से पहले मंदिर पर लाउडस्पीकर बजाने की सहमति मुस्लिम समुदाय ने दे दी।
मगर बाद में मुस्लिम पक्ष इस मामले को लेकर हाईकोर्ट चला गया। मुस्लिम समुदाय की ओर से जाहिद व शौकत पक्षकार बने। हाईकोर्ट में मंगलवार से इस मामले की सुनवाई चल रही। बुधवार सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनोज गुप्ता ने जिला प्रशासन के शासकीय अधिवक्ता से पूछा कि गांव में स्थापित मंदिर व मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर की शासन से स्वीकृति प्राप्त है या नहीं । इस आदेश के मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और प्रभारी डीएम एवं प्रभारी एसपी ने दोनों समुदाय के दो-दो लोगों को थाने बुलाकर लाउडस्पीकर की अनुमति दिखाने को कहा। दोनों   पक्षों द्वारा शासन से कोई अनुमति नहीं होने कही गई। इस पर एसडीएम व सीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और बिना अनुमति के मंदिर व मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर को उतरवाकर हाईकोर्ट को सूचित कर दिया।
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एसडीएम उद्भव त्रिपाठी व सीओ ब्रजपाल सिंह, तहसीलदार सुरेश कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह व कोतवाल नजीबाबाद सतीश कुमार के साथ भारी पुलिस लेकर गांव पहुंचे और पहले मंदिर की गुंबद का लाउडस्पीकर एवं बाद में मस्जिद की मीनार पर रखी बीन उतरवा दी। मामला शांतिपूर्वक निपट गया। एसडीएम व सीओ कुछ पुलिसकर्मियों को गांव में तैनात कर दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे थाने लौट आए। एसडीएम ने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही मंदिर व मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाए जाने की नियमानुसार दी जा सकेगी।

एक साल से कोर्ट में चल रहा था मामला
 बिजनौर में धर्मस्थलों पर लगे लाउड स्पीकरों की वजह से तनाव की स्थिति बन जाती है। गांवों में गांव वाले आपसी सहमति से धर्मस्थलों का निर्माण तो कर लेते हैं, लेकिन लाउडस्पीकर बजाने को लेकर तनाव हो जाता है। किरतपुर के गांव शाहअलीपुर अब्दुल सत्तार उर्फ मदनपुर में संत रविदास मंदिर व नूरानी मस्जिद पर लगे लाउड स्पीकरों का मामला एक साल से ज्यादा समय से कोर्ट में लंबित था। इस मामले में जब हाईकोर्ट ने दोनों के पक्षकारों से लाउडस्पीकर की स्वीकृति के बारे में पूछा तो पता चला कि दोनों पक्षों में से किसी ने स्वीकृति नहीं ली थी। गांवों में अक्सर यही स्थिति देखने को मिलती है। आदेश है कि प्रदेश की बिना आज्ञा के धर्मस्थलों के निर्माण नहीं होगा और न ही लाउडस्पीकर लगेंगे। फिर भी जगह-जगह रोज धर्मस्थल बन रहे हैं। प्रशासनिक मशीनरी इस पर ध्यान नहीं देती। तनाव पैदा होने पर प्रशासन हरकत में आता है। सूत्रों के मुताबिक जिले में अब भी कई जगह पर बिना प्रशासनिक अनुमति के लाउड स्पीकर बजाए जा रहे हैं। अगर गांव वाले धर्मस्थलों के निर्माण या फिर अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए प्रशासन से अनुमति लें तो यह समस्या कभी सामने नहीं आएगी। एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक नियम के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
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