धामपुर में गांव मौहड़ा में बाइक चोरों को पकड़ने गई पुलिस पर गांव वालों ने पथराव और फायरिंग कर दोनों चोरों को छुड़ा लिया। पथराव में दो दरोगा समेत छह पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। चोटिलों में एक महिला सिपाही भी शामिल है। उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की आड़ में उनके घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की। उनके कपड़े फाड़ डाले। पुलिस की ओर से 20 नामजद समेत 45 के खिलाफ रिपोर्ट हुई है।
सीओ हरिमोहन सिंह ने बताया कि 22 जून को पंजाबी कालोनी से साकेत विहार कालोनी निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह की बाइक चोरी हो गई थी। धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बाइक चोरी की पुलिस में रिपोर्ट कायम कराई थी। पुलिस ने जब इस मामले में कार्रवाई शुरू की और घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला तो कैमरे में दो युवक बाइक चोरी करते हुए स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए जब इन आरोपियों की पुलिस शिनाख्त कराई तो पता लगा कि यह दोनों आरोपी धामपुर थाने के गांव मौहड़ा के चचेरे-तहेरे भाई हैं। बकौल सीओ, जब पुलिस मंगलवार को आरोपियों को पकड़ने गांव में पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो आरोपियों के परिजनों ने गांव के लोगों के सहयोग से पुलिस टीम पर हल्ला बोल दिया। ग्रामीणों ने आरोपियों को पुलिस से छुड़ाने को न केवल पथराव किया बल्कि जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी गई।
पुलिस ने इस दौरान माजू पुत्र शमीम को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी सलमान फरार हो गया। पथराव में दो दरोगा सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस की जिप्सी को भी तोड़ डाला।
चोटिल पुलिसकर्मी
धामपुर। सीओ ने बताया कि ग्रामीणों के पथराव के चलते पुलिस टीम में शामिल दरोगा रणवीर सिंह, एचसीपी कुंवर नरेंद्र सिंह, महिला सिपाही आशा, कांस्टेबिल राहुल कुमार शर्मा, रोहित त्यागी, होमगार्ड गोपाल शामिल हैं। सभी का सरकारी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। सीओ ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
आरोप ः रुपये लेने के बाद भी मुल्जिम बनाया
धामपुर में गांववासियों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में तीन दिन पहले आरोपियों के परिजनों को बुलाया था। परिजनों से बताया था कि यदि वे मामले को रफा-दफा कराना चाहते हैं तो पुलिस को 50 हजार रुपये दें, नहीं तो बाइक चोरी के मामले में दोनों का चालान कर दिया जाएगा।
पुलिस की बात को गंभीरता से लेकर उनके द्वारा गांव के कुछ लोगों की मध्यस्थता में पुलिस को 50 हजार की रकम दे दी गई। आरोप है कि पुलिस मंगलवार को फिर उनके घर आ धमकी। परिजनों को रौब में लेकर एक लाख की मांग करने लगी। इंकार करने पर पुलिस ने उनके घर में तांडव मचाया। उधर, सीओ ने इस प्रकार के आरोपों को गलत बताया है।
उधर, ग्रामीणों ने पुलिस के लगे आरोपों को गलत बताया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस उनके खिलाफ झूठी मनगढंत कहानी गढ़ उन्हें फंसाने का प्रयास कर रही है। गांववासियों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की आड़ में घर की महिलाओं के साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ डाले। विरोध करने पर पुलिस ने कई राउंड फायरिंग की। ग्रामीणों पर पथराव किया और जमकर लाठियां भांजी। इस दौरान गांव के अब्दुल रऊफ की टांग टूट गई। नाजिया, नईमा, जीशान को चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा
धामपुर। सीओ ने बताया कि आरोपियों की गांव में अच्छी शोहरत नहीं है। पुलिस आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है। आरोपियों की अपराध पुलिस के फोकस में अब आया है। अधिकांश आरोपी एक ही समुदाय के हैं। जिन लोगों ने पुलिस पर पथराव किया है उनकी भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों की टोह लेने के बाद गांव गई थी पुलिस
पुलिस ने बताया कि बाइक चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस की ओर से दो सिपाहियों को सिविल कपड़ों में गांव में लगा दिया गया था। ताकि पूरी जानकारी जुटाई जा सके। जब इन सिपाहियों ने आरोपियों के बारे में पूरी तरह से जानकारी कर पुलिस को इसकी सूचना दी तो पुलिस तुरंत जिप्सी से गांव में पहुंची। जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाने का प्रयास कर रही थी तो तभी उनके परिवार के लोगों ने आरोपियों को छुड़वाने को पुलिस टीम पर पथराव कर हल्ला बोल दिया।