नजीबाबाद में जोगीरम्पुरी के प्राचीन शिव मंदिर पर आरती और लाउडस्पीकर लगाने के साथ ही करीब दो सप्ताह से चल रहा लाउडस्पीकर विवाद समाप्त हो गया। सीडीओ, एएसपी देहात एवं क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सशर्त समझौते के साथ विवाद का पटाक्षेप हुआ।
आखिरकार प्रशासन की मेहनत रंग लाई। नवरात्र से शुरू हुआ जोगीरम्पुरी प्राचीन शिव मंदिर लाउडस्पीकर विवाद रविवार दोपहर दोनों पक्षों के बीच समझौते के साथ समाप्त हो गया। द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज सभागार में सीडीओ डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी, एएसपी देहात डॉ.धर्मवीर सिंह, एसडीएम वीके सिंह, सीओ नगीना अशोक कुमार तथा एसओ नगीना देहात आरके सिंह की उपस्थिति में दोनों पक्षों में वार्ता हुई।
प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता से हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने लाउड स्पीकर विवाद में जिन बिंदुओं पर सहमति के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए, उनमें तत्काल प्रभाव से प्राचीन शिव मंदिर जोगीरम्पुरी के ऊपर स्थायी रूप से दो लाउडस्पीकर लगाने, नवरात्र, शिवरात्रि और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अजान और नमाज का ध्यान रखकर लाउड स्पीकर से धार्मिक कार्यक्रम प्रसारित करने, ईद के पांच दिन बाद से सुबह 15 से 20 मिनट तक पुजारी द्वारा बोलकर आरती करने और लाउडस्पीकर से कैसेट का इस्तेमाल न करने पर सहमति बनी।
मंदिर पक्ष की ओर समझौते पर डॉ.दयाराम सैनी, राजीव अग्रवाल, विहिप प्रचार सभा के प्रांतीय मंत्री अनिल पांडेय, आरएसएस विभाग प्रचार प्रमुख मयंक मयूर, मंगतराम, मास्टर मुन्नू, रामपाल सैनी, शिवचरण, मंगल सिंह, मुस्लिम पक्ष की ओर से ग्राम प्रधान मो.रफी, मास्टर फहीम, हाफिज कसीम, शमशाद अहमद, अमीर अहमद, मौलाना लईक, डॉ.इमामुद्दीन, खलील अहमद, मो.नासिर ने हस्ताक्षर किए।