बिजनौर के हरेवली में युवती का रिश्ता दूसरी जगह तय होने से नाराज युवक ने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी, फिर खुद को भी गोली से उड़ा लिया। बताया गया कि दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन उनके परिवार इसके लिए तैयार नहीं थे।
घटना मंडावली थाने के गांव कांठपुर में शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे हुई। मरने वाली युवती रेखा (23) गांव की पूर्व प्रधान सुमित्रा की पुत्री थी और युवक उनका पड़ोसी राजू पुत्र मुन्ने था। दोनों दलित बिरादरी से थे। रेखा के पिता ओमप्रकाश नलकूप विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।
घटना के वक्त रेखा के पिता ओमप्रकाश, मां सुमित्रा व छोटा भाई सुशील खेत में गए हुए थे। इसी दौरान राजू दीवार फांदकर छत के रास्ते युवती के घर में घुस गया। उसने पहले रेखा की कनपटी पर तमंचे से गोली मारी, फिर अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुद को उड़ा दिया।
ग्रामीणों ने पुलिस को दी जानकारी में कहा है कि राजू और रेखा विवाह करना चाहते थे, लेकिन परिजन तैयार नहीं थे। रेखा की शादी दूसरी जगह तय हो गई थी। इसी के बाद राजू ने यह कदम उठाया।
एसपी देहात डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने बताया है कि राजू व रेखा के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग था। घरवाले उनकी शादी के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने रेखा का दूसरी जगह रिश्ता कर दिया। इसी बात पर राजू से घटना को अंजाम दिया। रेखा के भाई ने घटना की तहरीर दी है।
उधर, रेखा व राजू की मौत के बाद दोनों के परिजन चुप्पी साधे हुए हैं। दोनों इस मामले में जुबान नहीं खोल रहे है। गांव के लोग जरूर दबी जुबान में दोनों की प्रेम कहानी की बात कर रहे हैं।
राजू व रेखा का घर के बीच करीब 100 मीटर की दूरी है। दोनों के बीच प्रेम संबंधों की जानकारी होने पर परिवारीजनों ने स्योहारा के गांव सत्तोनंगली में रेखा का रिश्ता तय कर दिया था और नवंबर में शादी होनी थी। रेखा नजीबाबाद के साहू जैन कॉलेज में एमए फाइनल की परीक्षा दे रही थी।
घर पर उसके माता-पिता के अलावा उसका एक भाई रहता है। एक भाई टीकम सिंह परिवार के साथ सहारनपुर और दूसरा भाई जागेश परिवार सहित नजीबाबाद में रहता है। रेखा की मां, पिता और भाई शुक्रवार को जंगल नहीं गए होते थे तो शायद राजू इस घटना को अंजाम नहीं दे पाता। यह बात पुलिस और ग्रामवासी दोनों ही कह रहे हैं।
ग्रामवासियों की मानें तो रेखा का रिश्ता दूसरी जगह होने के बाद से राजू अंदर ही अंदर घुटन महसूस कर रहा था। रेखा के बिना वह जीना नहीं चाहता था। उसने रेखा के साथ अपना काम तमाम करने का प्लान बना लिया था। इसके लिए समय का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार को उसने देखा कि रेखा के घरवाले जंगल गए हैं, तभी वह छत के रास्ते से घर में घुसा और रेखा को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली।