बिजनौर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति प्रशांत को दोषी मानते हुए सात साल की कैद और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नूरपुर के गांव छजूपुरा निवासी चंद्रशेखर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन ऊषा उर्फ रिंकी की शादी थाना नजीबाबाद के गांव शाहपुर निवासी प्रशांत के साथ हुई थी। उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। आरोप था कि दो नवंबर 2012 की सुबह दहेज की मांग पूरी न होने पर ऊषा को था। वहां ऊषा ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में कहा था कि उसके पति प्रशांत ने उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाई थी। वह उससे पांच लाख रुपये मायके से लाने की मांग करता था। मांग पूरी न होने पर ही उसने उसे जलाया था।
शासकीय अधिवक्ता सलीम अख्तर के अनुसार इस मामले में पुलिस ने मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर सिर्फ प्रशांत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने प्रशांत को दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अदालत के आदेश पर कार्रवाई होगी।