बिजनौर में राज्यमंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी व विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमले के मामले में पुलिस ने साकेंद्र चौधरी के पिता हुकुम सिंह का चालान कर दिया है। जिला जज ने उन्हें अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया। इस मामले में जिला जाट महासभा ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। एक सप्ताह में मामला खत्म न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
छह मार्च को पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में राज्यमंत्री अतुल गर्ग व विधायक लोकेंद्र चौहान पर हुए हमले में मंत्री के गनर दीपक ने साकेंद्र चौधरी व उनकेे साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में बुधवार को साकेंद्र चौधरी के साथी गांव रशीदपुर गढ़ी निवासी राजीव सिंह, भरैरा निवासी धर्मेंद्र सिंह व रामपुर नौआबाद निवासी इलम सिंह का चालान कर दिया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने साकेंद्र के 75 वर्षीय पिता हुकुम सिंह का चालान कर दिया। पुलिस की कार्रवाई पर जिला जाट महासभा ने रोष जताया है। जाटों ने इस मामले में सोमवार को एसडीएम सत्येंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा और साकेंद्र के खिलाफ मुकदमा खत्म कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि एक जाति विशेष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन से इस मामले को एक सप्ताह में खत्म करने को कहा गया है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस दौरान जगतवीर सिंह, सत्यपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार, जयपाल सिंह, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं पुलिस ने हुकुम सिंह को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सीजेएम प्रमोद कुमार ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। बाद में हुकुम सिंह के अधिवक्ताओं की ओर से जिला जज कोर्ट में जमानत याचिका प्रस्तुत की तथा जमानत की सुनवाई तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने की गुहार की। जिला जज कोर्ट ने हुकुम सिंह को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया है। मामले की सुनवाई की तिथि 16 अगस्त नियत की है।
उदयन वीरा की गिरफ्तारी के बाद ही कराएंगे साकेंद्र की गिरफ्तारी : एमपी सिंह
साकेंद्र चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से उनके समर्थक में विधायक लोकेंद्र चौहान के खिलाफ एकजुट होने लगा है। इस प्रकरण में आंदोलन के लिए अन्याय विरोधी संघर्ष समिति का गठन किया गया है। सभी धर्म व समाज को भी विधायक के खिलाफ एक मंच पर लाने की बात कही है।
साकेंद्र चौधरी के आवास के पास आयोजित प्रेस वार्ता में जाटमहासभा के जिलाध्यक्ष शूरवीर सिंह ने कहा कि छह अगस्त को साकेंद्र चौधरी विधायक लोकेेंद्र चौहान से मिलने गए थे, लेकिन विधायक के व्यवहार के कारण युवा लड़कों से कहासुनी हो गई।
किसी ने भी मंत्री की गाड़ी या विधायक पर हमला नहीं बोला। सेवानिवृत्त सीओ एमपी सिंह ने कहा कि पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा व रुचिवीरा के खिलाफ अपहरण व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज है, लेकिन पुलिस उनको छू भी नहीं रही। अगर पुलिस उदयन वीरा को गिरफ्तार कर ले तो वे खुद साकेंद्र की गिरफ्तारी कराएंगे। भाकियू के प्रदेश महासचिव व समिति जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा व विधायक को जनता ने जीताया है। अब जनता इन दोनों के खिलाफ खड़ी होगी। भाकियू नेता विजयपाल सिंह ने कहा कि विधायक के सामने पुलिस नतमस्तक है। अगर पुलिस ने साकेंद्र चौधरी या किसी और समर्थक को पकड़ा तो आंदोलन तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
अशोक चौधरी ने कहा कि यह एक समाज का नहीं बल्कि सभी धर्म व समाज के हक का मामला है। अन्य राजनीतिक दल वाले भी साकेंद्र के साथ हैं। इस दौरान भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़, राष्ट्रीय सलाहकार ओमपाल सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, भाकियू युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह आदि मौजूद रहे।