बढ़ापुर। जिले के एजेंट ने जिले के ही पांच युवकों को सऊदी अरब की एक कंपनी में रोजगार दिलाने का झांसा देकर उन्हें विदेश भेज दिया। वहां पर युवकों को एक शेख ने बंधक बनाकर प्रताड़ित करने लगा। काम न करने पर उनकी रॉड से पिटाई करता और भूखा रखता।
यहां तक की शेख ने युवकों को चीखें उनके परिजनों को सुनाकर उन्हें मुक्त करने के बदले परिजनों से 50 हजार रियाल (करीब साढ़े आठ लाख) रुपये की फिरौती मांगी। एक अन्य कंपनी में काम करने वाले युवक ने ही पांचों युवकों को शेख के चंगुल से छुड़ाकर मेडिकल कराया। युवक के प्रयास से शुक्रवार रात पांचों युवक भारत पहुंचेंगे।
बढ़ापुर के एक एजेंट ने अफजलगढ़ के मोहल्ला जैनुलआबदीन निवासी मो. परवेज पुत्र सऊद खां, स्योहारा के मोहल्ला मिल्कियान निवासी सलीमुद्दीन पुत्र जहीरूद्दीन, नगीना निवासी सामी अहमद पुत्र अहमद बुंदू, बिजनौर के मोहल्ला काजीपाड़ा निवासी मो. असलम पुत्र मो. सईद और नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा निवासी इमरान पुत्र मो. शफीक को विगत 24 अगस्त को सऊदी अरब भेजा था।
पांचों युवकों को सऊदी अरब की कंपनी बिन लादेन में काम करने के सब्जबाग दिखाकर एजेंट ने उनसे तीन से पांच लाख रुपये तक ऐंठे थे, लेकिन वीजा मक्का शहर की बिन लादेन कंपनी के बजाए अरब के रेगिस्तानी क्षेत्र में अल जौफ के सुवेर गांव निवासी एक शेख की कंपनी की निकली।
पांचों युवक 25 अगस्त को सऊदी अरब पहुंचे तो शेख ने पहले दिन तो उनको खाना दिया, लेकिन अगले दिन से भूखा रखना शुरू कर दिया। पांचों युवकों से जंगल में घास काटने, ऊंट चराने का काम लिया जाता और लौटने पर शेख व उसके दो बेटे उनको लोहे की रॉड से पीटते।
पहले भी सऊदी अरब में काम कर चुके परवेज ने शेख से अरबी भाषा में उनको पीटने का कारण पूछा तो शेख ने उनको नौकरी के बदले एक भी रियाल देने के बजाए उल्टे उनके घरवालों से ही 50 हजार रियाल (साढ़े आठ लाख रूपये) मंगवाकर देने को कहा। पीड़ितों के परिजनों के मुताबिक शेख पांचों युवकों को रॉड से पीटता और परवेज के मोबाइल के जरिये उनके परिजनों को उनके चीखने की आवाज सुनवाता था।
युवकों का हाल देखकर पड़ोसी शेख के पास धोबी का काम कर रहे वेस्ट यूपी व बांग्लादेश का एक व्यक्ति को अपने खर्चे से दिन में एक बार खाना देने लगे। बीते सप्ताह सुवेर गांव से 40 किमी दूर सकाका शहर स्थित एक कंपनी में काम करने वाले अफजलगढ़ निवासी मो. इमरोज को पांचों युवकों के हाल के बारे में पता चला।
मो. इमरोज जैसे-तैसे पांचों युवकों को शेख के विरोध के बावजूद अपनी कार से लेकर वहां के मुस्तसफा (अस्पताल) पहुंचे और उनका मेडिकल कराया। युवकों को थाने ले जाकर मेडिकल के आधार पर शेख के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और बाद में जवाजात (लेबर कोर्ट) ले जाकर पांचों युवकों के बयान दर्ज कराए।
कोर्ट ने पांचों युवकों को उसी शेख की सपुर्दगी में देकर इनके एयर टिकट आने तक मेहमानों की भांति बरताव करने की शेख को हिदायत दी। मो. इमरोज की वजह से पांचों युवक शुक्रवार रात अपने वतन लौट आएंगे।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
नींदडू़। खुर्शीद अहमद ने एसपी को भेजे प्रार्थनापत्र में कहा है कि करीब 14 महीने पहले लोगों को विदेश भेजने का धंधा करने वाले नींदडू़ के तीन व्यक्ति उसके पास आए और दुबई में तीन वर्ष की नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख दस हजार रुपये लेकर उसे दुबई भिजवा दिया।
दुबई पहुंचने पर उसे मालूम पड़ा कि वीजा टूरिस्ट की है और उस पर नौकरी नहीं मिल सकती। उसे वापस भारत भेज दिया गया। इस बाबत गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में आरोपियों ने भूल स्वीकार की और फिर से पक्की नौकरी का झांसा देते हुए एक लाख 20 हजार रुपये और लेकर उसे दोबारा दुबई भेज दिया, लेकिन इस बार भी वीजा एक माह की टूरिस्ट वीजा होने के कारण उसे दुबई में नौकरी नहीं मिली।
फोन पर संपर्क करने पर दुबई भेजने वाले मुख्य एजेंट ने उससे गांव लौटने पर रकम वापस देने की बात कही। वह 25 जुलाई को स्वदेश लौट आया। ठगी का शिकार हुए खुर्शीद अहमद ने एसपी से उसकी रिपोर्ट लिखकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और रकम लौटने की मांग की है।
कोर्ट के आदेश के बाद भी परेशान किया
कोर्ट के आदेश के बाद भी शेख ने युवकों को परेशान करने में कसर नहीं छोड़ी। परिजनों द्वारा युवकों की वापसी की टिकट 11 सितंबर की भेज दी, लेकिन शेख ने उनके कागज पूरे नहीं होने दिए, जिस कारण टिकट कैंसिल हो गए, जिसकी शिकायत कोर्ट से की गई।
परिजनों के मुताबिक कोर्ट ने शेख पर अर्थदंड लगाया। भारत से दोबारा टिकट भेजे जाने पर युवक बृहस्पतिवार शाम अल जौफ एयरपोर्ट से भारत के लिए रवाना हुए। युवकों के परिजनों के मुताबिक उनकी हालत ऐसी नहीं है कि शेख को वे फिरौती दे पाते। उधार लेकर बच्चों को सऊदी अरब भेजा था।