बिजनौर में इंसाफ नहीं मिलने पर मंडावर थाने में किसान धर्मवीर के खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगाने के बाद पुलिस जाग गई है। इस मामले में धर्मवीर की पत्नी ने जमीन कब्जाने वाले व्यक्ति समेत चार लोगों के खिलाफ एससी एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, बसपा नेताओं ने रविवार को सीओ सिटी असित श्रीवास्तव से मिलकर सही धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने और रिपोर्ट में लेखपाल का नाम शामिल कराने की मांग की।
मंडावर थाने के गांव राजारामपुर निवासी 50 साल के किसान धर्मवीर सिंह ने शनिवार को मंडावर थाने में समाधान दिवस के दौरान खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा ली थी। धर्मवीर का आरोप था कि गांव रघुनाथपुर निवासी उदयराम चौहान ने उसकी पट्टे की जमीन पर कब्जा कर लिया है और गन्ना नहीं काटने दे रहा। उदयराम चौहान ने उसे जमीन में गाड़ने की धमकी दी है। झुलसे धर्मवीर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। अब धर्मवीर की पत्नी संतोष देवी ने उदयराम चौहान, उसके बेटे अरविंद, मोखा व रामलाल के खिलाफ मंडावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
संतोष के मुताबिक 15-16 साल पहले उसके पिता को जमीन का पटटा मौजा अजमेलीपुर में मिला था। इस पर वे तभी से काबिज हैं। उदयराम की जमीन उनके पट्टे की जमीन के पास है। लेखपाल से गलत नाप-तौल कराकर उदयराम ने उनका 12 बीघा में खड़ा गन्ना काट लिया। शनिवार को धर्मवीर फरियाद लेकर मंडावर थाने पहुंचा तो कोई सुनवाई नहीं हुई । इस पर धर्मवीर ने तेल उड़ेलकर खुद को आग लगा ली। धर्मवीर के साथ गए लोगों ने ही उसे बचाने की कोशिश की। पुलिस ने आग बुझाने में कोई मदद नहीं की। आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया।
रविवार को धनीराम के नेतृत्व में बसपा का एक प्रतिनिधिमंडल ग्रामवासियों के साथ एसपी से मिलने गया। उनके न मिलने पर सीओ सिटी असित श्रीवास्तव से मिलकर बसपा नेताओं ने कहा कि लेखपाल ने धर्मवीर का खूब उत्पीड़न किया। मंडावर पुलिस ने उचित धाराओं में रिपेार्ट दर्ज नहीं की है। लेखपाल का नाम भी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। उनका आरोप था कि दरोगा पीड़ित से रुपये भी लिए थे। सीओ ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र सागर, राकेश कुमार सिंह, समर सिंह, मुन्ना सिंह, कविराज सिंह समेत कई नेता व ग्रामीण शामिल थे।