बिजनौर में पुलिस ने नजीबाबाद में हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या करने वाले दोनों शूटरों व हत्या कराने वाले बदमाश शाहनवाज पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने तीनों की तलाश में कई राज्यों में जाल बिछा रखा है। कई जगह उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। पर तीनों बदमाश नहीं मिले।
नजीबाबाद में 28 मई को बसपा नेता प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की कांप्लेक्स के कार्यालय में गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस की कई टीम इस हत्या के खुलासे में लगी थी। दो दिन पूर्व पुलिस ने हाजी अहसान व उनके भांजे की हत्या करने वाले शूटरों को बाइक से ले जाने वाले नजीबाबाद के उब्नवाला निवासी दानिश पुत्र मोहम्मद सेवन को दबोच लिया था। दानिश ने पुलिस को बताया कि जलालाबाद निवासी जब्बार अंसारी व गांव कनकपुर निवासी दानिश पुत्र इरफान ने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है। दोनों शातिर अपराधी शाहनवाज के शूटर हैं। शाहनवाज ने ही शूटरों से हत्या कराई है। शूटरों ने अपने साथ उसे भी जोड़ लिया था। नजीबाबाद पुलिस ने फरार बदमाश शाहनवाज व दोनों शूटर जब्बार अंसारी व दानिश पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने इनाम घोषित करने के लिए अपनी रिपोर्ट एसपी को भेज दी है।
उधर, पुलिस ने तीनों बदमाशों को दबोचने के लिए कई जगह दबिश दी, पर यह नहीं मिले। शाहनवाज की पंजाब, उत्तराखंड में छिपे होने की बात कही जा रही है। पुलिस की टीमों ने दोनों राज्यों में डेरा डाल दिया है। शाहनवाज के तार पूर्वांचल के एक बड़े माफिया से जुड़े हैं। पुलिस को शह है कि इस माफिया के ठिकानों पर भी शाहनवाज छिपा हो सकता है। पुलिस के मुताबिक शाहनवाज व दोनों शूटरों के गिरफ्त में आने के बाद ही यह तस्वीर साफ हो पाएगी कि हाजी अहसान व उसके भांजे की हत्या में किस बड़े आदमी का हाथ है। सीओ नजीबाबाद महेश कुमार के मुताबिक शाहनवाज के अलावा फरार दोनों शूटरों पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीनों बदमाशों की तलाश में कई जगह दबिश दी गई, पर वह हाथ नहीं आए।