बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद के मर्डर में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस मामले में आरोपी रय्यान की नादानी ने पुलिस के लिए हत्याकांड के खुलासे की राह आसान कर दी है। तंजील की हत्या से पहले रय्यान ने शूटर मुनीर के साथ सहसपुर के एक पेट्रोल पंप से अपनी बाइक में तेल डलवाया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह खुद पेट्रोल पंप पर पता लगाने पहुंच गया कि उसके सीसीटीवी कैमरे में वह कैद तो नहीं हुए। इस बात का पता चलते ही पुलिस अब खुलासे के लिए सारी कड़िया एक साथ जोड़ने में जुटी हुई है।
पुलिस महकमा तंजील अहमद हत्याकांड का खुलासा करने से भले ही बच रही हो, पर असलियत है कि तंजील का मर्डर मुनीर ने ही किया था। रय्यान उसके साथ था। तंजील की हत्या से पहले रय्यान ने सहसपुर के पास स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में तेल डलवाया था। इस दौरान मुनीर का चेहरा ढका हुआ था। रय्यान का चेहरा खुला था। तंजील मर्डर के बाद खुलासे के लिए पुलिस ने तंजील अहमद की भांजी की शादी की वीडियो के साथ सहसपुर के रास्ते पर पड़ने वाले स्कूल की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। पुलिस का ध्यान पेट्रोल पंप की सीसीटीवी फुटेज पर नहीं था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बाकी जगह की सीसीटीवी फुटेज खंगालने से रय्यान को केस में फंसने का खतरा सताने लगा। उसे डर था कि पेट्रोल पंप की सीसीटीवी फुटेज देखी तो वह तंजील मर्डर में फंस सकता है। क्योंकि बाइक में तेल डलवाने के दौरान उसका चेहरा साफ नजर आ जाएगा।
नादानी में रय्यान पुलिस से पहले खुद पेट्रोल पंप पर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के लिए पहुंच गया। वह देखना चाहता था कि कैमरे में वह तो मुनीर के साथ कैद तो नहीं हो गया। उसे फुटेज नहीं दिखाई गई। इस कैमरे की तस्वीर धुंधली थी। कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था। किसी ने रय्यान के सीसीटीवी फुटेज देखने की बात पुलिस को बता दी। यहीं से पुलिस के शक के दायरे में रय्यान आया। पुलिस को तंजील मर्डर में यहीं से एक लाइन मिल गई। किसी मुखबिर ने पुलिस को घटना वाली रात मुनीर के सहसपुर आने के बारे में भी बता दिया। पुलिस मुनीर और रय्यान का आपराधिक रिकार्ड खंगालने में जुट गई।
पुलिस ने रय्यान से पूछताछ की। उसने तंजील अहमद मर्डर का सारा राज उगल डाला। पुलिस यह बात अफसरों से भी छिपाए रखी। बस एक दो अफसर को इस बारे में बताया। पुलिस को इस बात का मलाल है कि मुनीर हाथ से निकल गया।
नेपाल भागने की फिराक में हिस्ट्रीशीटर मुनीर
मुरादाबाद में नेशनल जांच एजेंसी के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या में मुख्य आरोपी माना जा रहा हिस्ट्रीशीटर और पचास हजार का इनामी बदमाश मुनीर नेपाल भागने की फिराक में है। गिरफ्त में आए उसके साथियों से पूछताछ में पुलिस व जांच एजेंसियाें को कुछ ऐसा ही इनपुट मिला है। पुलिस, एटीएस और एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी के लिए नेपाल बॉर्डर पर जाल बिछा दिया है। भारत से नेपाल जाने वाले लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
दो अप्रैल की रात बिजनौर के सहसपुर गांव में एनआईए अफसर मो. तंजील अहमद की हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय तंजील अहमद अपनी भांजी की शादी से लौट रहे थे। एनआईए अफसर की हत्या की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंची। मामले की पुलिस, एटीएस, एसटीएफ और एनआईए की टीमें अलग अलग एंगल पर जांच कर रही हैं। अधिकारी बिजनौर में डेरा डाले हुए हैं। कई दिन की लंबी जांच पड़ताल के बाद पुलिस को सुराग मिले थे कि इस सनसनीखेज हत्याकांड को डिप्टी एसपी तंजील अहमद के पैतृक गांव निवासी मुनीर ने ही अंजाम दिया है। मुनीर तो नहीं पकड़ा जा सका अलबत्ता उसके साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। जांच के मुताबिक इस हत्याकांड को निजी रंजिश में अंजाम दिया गया था। पुलिस शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा करने की तैयारी कर रही थी। लेकिन मुख्य आरोपी माना जा रहा मुनीर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था।
इसके अलावा पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियारों को भी बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस ने उसके साथियों से पूछताछ की तो पता चला कि मुनीर पहले भी लंबे समय तक नेपाल में पनाह ले चुका है। इस बार भी वो नेपाल भाग सकता है। इनपुट मिलने के बाद पुलिस और एसटीएफ और एटीएस ने नेपाल जाने वाले रास्तों पर चौकसी बढ़ा दी है। सूत्रों की माने तो पुलिस टीमें भेष बदल कर नेपाल बॉर्डर पर तैनात हो गई हैं।
मुनीर के मामा को उठा ले गई पुलिस
जानसठ में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद के मर्डर की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस की तहकीकात जानसठ तक पहुंची है। जन्नताबाद मोहल्ले में मुनीर के मामा के घर दबिश दी गई। वह तो नहीं मिला, लेकिन बिजनौर पुलिस उसके मामा को उठाकर ले गई। बताया गया है कि मुनीर का अपने मामा के यहां आना-जाना रहा है। मुनीर का मामा तहसील में नायब नाजिर रहा है। तीन साल पहले उन्हें गबन के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था।
खुफिया एजेंसी ने की होटल मालिक से पूछताछ
बिजनौर/आगरा में एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद हत्याकांड के खुलासे के लिए यूपी में अलर्ट किया गया है। डीजीपी जावीद अहमद ने शूटर मुनीर के रिश्तेदार और परिचितों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार रात को मुरादाबाद पुलिस ने नाई की मंडी स्थित होटल हाजी में दबिश देकर छह युवकों को पकड़ा था। सूत्रों ने बताया कि होटल से पकड़े गए युवक मुनीर के रिश्तेदारों और परिचितों के संपर्क में थे। जिस कलुआ ने होटल में अपनी आईडी पर कमरा बुक कराया था वह नहीं मिला है। उसकी तलाश भी की जा रही है। बता दें, शुक्रवार रात को पुलिस नाई की मंडी में मोहम्मद सोहेल कुरैशी के होटल हाजी पर पहुंची थी। एक युवक भी पुलिस के साथ था। पुलिस टीम में चार एसआई, आठ कमांडो और छह सिपाही शामिल थे। जीप और बाइक से भी पुलिस कर्मी गए थे। होटल को घेर लिया गया। रिसेप्शन पर टीवी देख रहे दो युवकों को पहले पकड़ा। बाद में कमरा नंबर 108 में ठहरे चार युवक पकड़ लिए। इसके बाद पुलिस उन्हें गोपनीय स्थान पर ले गई। होटल में मुरादाबाद के सिरसखेड़ा निवासी कलुआ पुत्र शाहिद ने कमरा बुक कराया था। वह 17 मार्च से छह युवकों के साथ रुका हुआ था। चार अप्रैल की रात वह अपनी सगाई होने की बात कहकर होटल से चला गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गांव सिरसखेड़ा भी शूटर मुनीर के गांव सरसपुर के नजदीक है। बताया जा रहा है कि मुनीर के परिचित होटल से पकड़े गए युवकों के संपर्क में थे। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें उठाया है। उधर, स्थानीय पुलिस ने जानकारी होने से भी इंकार कर दिया। होटल से युवकों के पकड़े जाने की जानकारी पर खुफिया एजेंसी भी अलर्ट हो गई हैं। शनिवार दोपहर को होटल मालिक सोहेल कुरैशी से खुफिया एजेंसी ने एक घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि होटल से एक कागज मिला है, जिस पर कलुआ ने अपना हिसाब किताब लिख रखा है।
होटल में एक की आईडी
होटल मेें कलुआ ने अपना मतदाता पहचान पत्र की फोटोकॉपी दी थी। बाकी युवक बिना कोई नाम पता बताए ही रह रहे थे। होटल कर्मचारियों के पास भी अन्य युवकों के नाम नहीं हैं।
फोन करके ली जानकारी
होटल से अपने साथियों के पकड़े जाने की जानकारी पर कलुआ और उसके रिश्तेदार आशिफ ने होटल मालिक से फोन पर ली। होटल मालिक ने उसे आगरा आने को कहा तो फोन काट दिया।
‘भूसा कारोबारी बताया’
होटल मालिक सोहेल कुरैशी का कहना है कि कलुआ ने खुद को भूसा कारोबारी बताया था। डेढ़ साल से वह होटल में आ रहा था। वह 15-15 दिन रुकने के बाद चला जाता था।