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कब्जा हटाने गई सिंचाई विभाग की टीम का विरोध

Mon, 29 Jan 2018 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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पीली बांध में किसानों को नक्शा दिखाती राजस्व टीम। - फोटो : अमर उजाला
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रेहड़ में पीलीबांध की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए पहुंची टीम में शामिल अधिकारी और किसान आमने सामने आ गए। किसानों के विरोध के चलते विभागीय अधिकारियों को बीच में ही काम रोकना पड़ा। अधिकारी फोर्स कम होने का हवाला देते हुए बैकफुट पर आ गए। सिंचाई विभाग के एसडीओ ने कहा कि पर्याप्त फोर्स मिलने पर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
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अमर उजाला के 25 जनवरी के संस्करण में पेज नंबर तीन पर रेहड़ क्षेत्र में स्थित पीली बांध की करीब 3600 एकड़ जमीन पर कब्जा करने का समाचार प्रकाशित हुआ था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सोमवार को सिंचाई विभाग की टीम एसडीओ हिमांशु धारिया के नेतृत्व में जेसीबी और दो ट्रैक्टरों को साथ लेकर पीलीबांध के गादला मौजा में पहुंची। टीम ने रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को ट्रैक्टरों से जोतने का प्रयास किया तो वहां मौजूद किसानों ने उस जमीन को अपनी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। टीम केवल 10 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल को ही नष्ट कर सकी, इसी बीच लोगों ने हंगामा कर दिया। विरोध होता देख अधिकारियों ने जमीन को कब्जामुक्त कराने से हाथ खड़े कर दिए। टीम प्रभारी एसडीओ  हिमांशु धारिया ने बताया कि साधन सहकारी समितियों के चुनाव के चलते पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके कारण अभियान बीच में ही रोकना पड़ा। किसी और दिन तिथि निर्धारित कर पर्याप्त पुलिस फोर्स के साथ जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा। विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

900 एकड़ जमीन किसानों के कब्जे में : एसडीओ
एसडीओ ने बताया कि पीलीबांध के पास 3600 एकड़ जमीन थी। इसमें से 1200 एकड़ जमीन को वन विभाग ने अपनी बता कब्जा कर लिया। बची 2400 एकड़ जमीन में से 1500 एकड़ जमीन पर पीली बांध जलाशय का पानी फैला रहता है। करीब 900 एकड़ जमीन पर अभी भी लोगों का अवैध कब्जा है। जिसे जल्द मुक्त कराया जाएगा।
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किसी कीमत पर नहीं देंगे जमीन : किसान
किसान हरदेव सिंह, जाकिर , रसीद, बलविंदर सिंह का कहना है कि जिस जमीन पर वह खेती कर रहे हैं, उससे सिंचाई विभाग का कोई लेना देना नहीं है। उनके पास जमीन के कागज हैं। यदि सिंचाई विभाग उनकी गेहूं की फसल को नष्ट करेगा तो आंदोलन किया जाएगा।
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