बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव शर्मा ने सगे भतीजे की बलि चढ़ाने वाले कमलवीर को आजीवन कारावास और 25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। भतीजे के शरीर पर ब्लेड के कट के 78 निशान पाए गए थे।
शासकीय अधिवक्ता सैयद इसरार अली के अनुसार थाना शिवाला कलां के गांव इनायतपुर निवासी कमलवीर तंत्र-मंत्र करता था और चौकी लगाता था। वह लोगों से कहता था कि उसके सिर काली माता आती है। कमलवीर के भाई सोहदेव सिंह का आठ वर्षीय बेटा पीयूष कुमार 23 अक्तूबर 2012 को अपने घर से गायब हो गया था। काफी तलाशने के बावजूद उसका सुराग नहीं लग सका था। इस पर पिता ने पुत्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना शिवाला कलां में दर्ज कराई थी। इस मामले में पड़ताल करने पर चौंकाने वाली बातें सामने आईं थी। पुलिस के मुताबिक कमलवीर ने अपने पुत्र विकास के माध्यम से भतीजे पीयूष को घर बुलवाया था और उसकी बलि के नाम पर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस को बालक के शव पर ब्लेड के कट के 78 निशान मिले थे।
बुरी तरह तड़पा-तड़पा कर ही उसे मारा गया था। हत्या के बाद लाश को मकान के पास गन्ने के खेत में छिपा दिया था। घटना के बाद कमलवीर ने तंत्र-मंत्र की सामग्री और काली माता का फ्रेम में जड़ा फोटो भी गायब कर दिया था। पुलिस ने खुलासा करते हुए पीयूष की लाश कमलवीर के घर के पास स्थित गन्ने के खेत से बरामद की थी। साथ ही काली माता के फोटो जड़ित फ्रेम भी बरामद किया था। इस पर खून का टीका लगा था। प्रयोगशाला की जांच में मानव रक्त का टीका होने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में कमलवीर के गुरु की गवाही भी हुई थी। गुरु ने गवाही ने कहा था कि कमलवीर ने मुर्गे की बलि देने के बारे में पूछा था। कोर्ट ने इस मामले में पीयूष की हत्या को अत्यंत संगीन अपराधी मानते हुए चाचा कमलवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।